‘मुझे मिल गया भविष्य के लिए पार्टी प्रत्याशी’:महाधिवक्ता के भाषण पर बोले CM-जबलपुर के जनप्रतिनिधियों को ना हो तकलीफ

यहां मौजूद महाधिवक्ता गण। मैं हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस साहब से बात कर रहा था कि प्रशांत सिंह जी इतना अच्छा भाषण दे रहे थे कि मुझे लगा कि कोई प्रत्याशी मुझे मिल गया है भविष्य के लिए। मुझे कोई दिक्कत नहीं है, पर यहां के जनप्रतिनिधियों को दिक्कत हो सकती है। एक-एक करके शेर भी सुना रहे है, अपनी बातों को भी रख रहे है। आपने भाषण के लिए मैं हाथ जोड़कर आपका अभिनंदन करता हूं। यह कहना है मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का। यादव बुधवार को जबलपुर में अधिवक्ता सम्मान समारोह में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ के साथ कई जस्टिस और अधिवक्ता भी मौजूद थे। जबलपुर में महाधिवक्ता कार्यालय द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में महाधिवक्ता प्रशांत सिंह की जमकर तारीफ की। इससे पहले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ और सीएम मोहन यादव ने मंच से कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं का स्वागत भी किया। कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कहा कि सीएम मोहन यादव रोज दिन भर में 18 घंटे से ज्यादा लोक कल्याणकारी कामों को गति प्रदान करते हैं। ये इनकी ही मेहनत का परिणाम है कि बीते कुछ माह के भीतर छह जिलों में जो इनवेस्टर्स मीट के जरिए प्रदेश में ढाई लाख करोड़ रुपए का निवेश हुआ है। डेढ़ लाख से ज्यादा रोजगार का सृजन हुआ। प्रशांत सिंह ने कहा कि सीएम मोहन यादव का ही ये प्रयास है कि लंदन और जर्मनी से भी मध्यप्रदेश में भारी इन्वेस्टमेंट हुआ है। उन्होंने कहा कि विधानसभा का शीत कालीन सत्र होने के बावजूद सीएम अपना कीमती समय निकालकर जबलपुर आए, ये हमारे लिए आनंद का विषय है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ ने कार्यक्रम के दौरान हिंदी में भाषण देते हुए कहा कि मुझे करीब पौने तीन माह हो चुके हैं चीफ जस्टिस बने हुए। एडवोकेट जनरल कम से कम चार बार हमारे पास आए और कहा कि आपका स्वागत करना है। स्वागत करने में कई तारीख बदली गई, पर आखिरकार बीरबल की खिचड़ी आज तैयार हुई है। आज उसका हम मजा लेगें। चीफ जस्टिस ने कहा कि मुझे निमंत्रण मिला कि आपका स्वागत करना है, सीएम जी का भी स्वागत करना है। मैं जब घर से कार्यक्रम स्थल के लिए निकला तो देखा कि रास्ते में मुख्यमंत्री जी के पोस्टर लगे हुए थे। मैंने एक देखा, दो, तीन,चार, पांच…मैने सोचा मेरा भी आएगा। लेकिन नहीं आया। मुझे एक सीनियर एडवोकेट ने पूछा कि मध्यप्रदेश कैसा लगा, तब मैंने जवाब दिया कि ये प्रदेश बहुत खूबसूरत है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा कि मैं 16 साल से जज हूं। इस दौरान मैं आंध्र प्रदेश, तेलंगाना हाईकोर्ट और भी कई राज्यों में रहा। उन सबको अगर मिला लो तो सब जगह फूल माला, बुके, स्वागत सत्कार हुआ पर उससे ज्यादा सिर्फ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट आते-आते भोपाल, राजभवन और जबलपुर में ही हो गया। उन्होंने कहा कि जो स्वागत मुझे एमपी में मिल रहा है, उसको ना मैं दिल्ली से मेच कर सकता हूं, और न ही आंध्र-तेलंगाना से।

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