भास्कर न्यूज | जशपुरनगर मंगलवार को जैन धर्म के महान संत, आचार्य 108 विशुद्ध सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि 108 आराध्य सागर महाराज एवं क्षुल्लक 105 श्रेय सागर महाराज का ससंघ मंगल प्रवेश कुनकुरी की में हुआ। गुरुदेव के आगमन से पूरा नगर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। मुनि संघ के स्वागत के लिए जैन समाज के साथ-साथ सर्व समाज के लोग सड़कों पर उतर आए। हाथों में मंगल कलश लिए महिलाएं और जयघोष करते युवाओं की टोली ने गुरुदेव का भव्य स्वागत किया। नगर की सीमा से लेकर मंदिर तक श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की गई। कुनकुरी में विश्राम और धर्म सभा के पश्चात मुनि संघ का पद विहार जैनों के सर्वोच्च तीर्थ श्री सम्मेद शिखरजी (झारखंड) की ओर अग्रसर होगा। श्रद्धालुओं का मानना है कि संतों का यह पद विहार केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि समाज में संयम, त्याग, दया और अहिंसा के मूल सिद्धांतों को पुनर्जीवित करने का एक महान अनुष्ठान है। कुनकुरी जैन समाज के गजेंद्र जैन ने बताया कि हमारे नगर का यह परम सौभाग्य है कि ऐसे तपस्वी संतों के चरण हमारी भूमि पर पड़े हैं।


