भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा बाहुबली कॉलोनी स्थित मुनि सुव्रतनाथ मंदिर में शनिवार को आर्यिका सम्मेद शिखरमति माताजी एवं आर्यिका भरतेश्वरी माताजी ससंघ के सानिध्य में 20वें तीर्थंकर मुनि सुव्रतनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक मनाया। इस अवसर पर सुबह मूलनायक भगवान की प्रतिमा पर 108 कलशों से अभिषेक शांतिधारा की। इसके पुण्यार्जक परिवार राजमल शांता देवी, दीपक तलाटी और अनुराधा परिवार थे। इसके बाद निर्वाण लाडू चढ़ाया। मुनि सुव्रतनाथ सेवा संस्थान के प्रवक्ता अशोक कोठिया ने बताया कि भक्तों ने विधान में 108 अर्घ्य अर्पित किए। आर्यिका भरतेश्वरी माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि मुक्ति के लिए भक्ति, ज्ञान और चरित्र में से वर्तमान में भक्ति का मार्ग है। चरित्र का पालन कुछ ही लोग कर पाते हैं। मंत्र जाप कर ध्यान बढ़ाने का काम करना चाहिए। आर्यिका सम्मेद शिखर मति माता जी ने कहा कि मुनि सुव्रतनाथ भगवान आज ही के दिन सम्मेद शिखर पर्वत से मोक्ष गए थे। उनका जीवन चरित्र हमारे कल्याण के लिए प्रेरणा देने वाला है। हमें उनके बताए तप, संयम, त्याग, अहिंसा और समता के मार्ग का अनुसरण करना चाहिए। आज वहां रोज हजारों श्रावक वंदना करते हैं।


