भास्कर न्यूज | कवर्धा कर्नाटक के रायचूर शहर के मुमुक्षु दिलीप धोका का कवर्धा आगमन हुआ। वे दीक्षा से पूर्व अपने परिवार ललित और खुशाल धोका से मिलने पहुंचे। श्री संघ कवर्धा को जानकारी मिलने पर उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। बिलासपुर रोड स्थित धोका निवास से शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा श्वेतांबर जैन मंदिर, सराफा लाइन पहुंचकर अभिनंदन सभा में बदल गई। महासती वर्या पूज्य संघमित्रा जी मसा ठाना तीन, मुमुक्षु को शुभकामनाएं देने समारोह में पहुंचीं। ज्ञान बल्लभ महिला मंडल ने अभिनंदन गीत प्रस्तुत किया। जैन श्री संघ अध्यक्ष नेमीचंद श्रीश्रीमाल, श्वेतांबर जैन मूर्ति पूजक संघ के पूर्व अध्यक्ष खुशाल टाटिया और लायन प्रेमचंद श्रीश्रीमाल ने दीक्षार्थी के संयमी जीवन की सफलता की कामना की। अभिनंदन पत्र का वाचन वरिष्ठ श्रावक दिनेश श्रीश्रीमाल और खुशाल टाटिया ने किया। समाज के प्रमुख श्रावकों ने तिलक और माला पहनाकर मुमुक्षु का स्वागत किया। इस दौरान पूरे कार्यक्रम का संचालन नितेश नाहर ने किया। मानव जीवन का उद्देश्य संसार में उलझना नहीं मुमुक्षु दिलीप धोका ने कहा कि मानव जीवन का उद्देश्य संसार में उलझना नहीं है। यदि हम गुरु चरणों में समर्पित हो जाएं तो जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने 11 जून 2025 को रायचूर में होने वाली अपनी दीक्षा में उपस्थित होकर आशीर्वाद देने की अपील की। महासती वर्या पूज्य संघमित्रा जी ने कहा कि हजारों में कोई एक पुण्यवान व्यक्ति ऐसा होता है, जिसे कर्म बंधनों से मुक्त होने की ललक होती है। ऐसे लोग साधुवाद के पात्र हैं।


