कोंडागांव में मुरिया आदिवासी समाज ने अपने महान नायक झाड़ा सिरहा को श्रद्धांजलि अर्पित की। झाड़ा सिरहा मुरिया समाज के वह अमर नायक थे, जिन्होंने आदिवासियों के अधिकार और सम्मान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। मुरिया जनजाति से संबंध रखने वाले झाड़ा सिरहा का जन्म छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्र में हुआ था। ब्रिटिश शासन और स्थानीय शोषण के खिलाफ उन्होंने मुरिया विद्रोह का नेतृत्व किया। उन्होंने आदिवासियों के भूमि अधिकार और संस्कृति की रक्षा के लिए मुरिया दरबार की स्थापना की। आज आयोजित विशाल सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल हुए। झाड़ा सिरहा के वंशज बालवीर सिंह कच्छ, नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल और उपाध्यक्ष जसकेतू उसेंडी की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया गया। दस परगना के मांझी, चालकी, गांयता और पुजारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम में समाज के नेताओं ने झाड़ा सिरहा के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों की मदद करने और आदिवासी अस्मिता की रक्षा का वादा किया। झाड़ा सिरहा की याद में आयोजित यह कार्यक्रम आदिवासी एकता का प्रतीक बन गया।


