मुरैना जिले के अंबाह-महुआ क्षेत्र में शनिवार को उसैद पिनाहट पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों ओर से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। पुल का यह हिस्सा चंबल नदी पर स्थित पीपे के पुल का महत्वपूर्ण भाग है, जो मध्य प्रदेश के उसैद क्षेत्र को उत्तर प्रदेश के पिनाहट क्षेत्र (आगरा जिले) से जोड़ता है। पुल का यह छोटा सा हिस्सा टूटने से पुल पर से गुजरने वाले वाहनों और राहगीरों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। घटना के कारण दोनों राज्यों के स्थानीय व्यापार, दैनिक यात्राएं और परिवहन कार्य रुक गए। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुल की मरम्मत का काम शुरू करवाया। मिट्टी और अन्य सामग्री का उपयोग कर क्षतिग्रस्त भाग की अस्थायी मरम्मत की गई। इस कार्य में लगभग 2 घंटे लगे। प्रशासन की तत्परता के कारण दोपहर बाद पुल पर यातायात को फिर से शुरू कर दिया गया। क्षतिग्रस्त पीपे के पुल की वर्तमान स्थिति पर सवाल
यह पुल दोनों राज्यों के लोगों के लिए परिवहन का अहम जरिया है, लेकिन इसकी संरचना पीपे के होने के कारण इसकी मजबूती और सुरक्षा पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय निवासियों और यात्रियों ने पुल की नियमित मरम्मत और स्थायी संरचना की मांग की है। लोग बोले- खरखाव में लापरवाही बरती जाती है
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि पुल के रखरखाव में लापरवाही बरती जाती है, जो हर वर्ष बारिश और अन्य मौसमी कारणों से प्रभावित होता है। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि यातायात बाधित होने से उनके कामकाज पर नकारात्मक असर पड़ता है।


