मुरैना के अंबाह स्थित महासुखपुरा गांव में एक खेत में एक दुर्लभ और बेहद जहरीले सांप रसेल वाइपर के मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। एशिया के सबसे जहरीले सांपों में से एक यह प्रजाति आमतौर पर भारत में नहीं पाई जाती है। घटना की सूचना पर पहुंचे स्नेक मित्र और वन विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक सांप का रेस्क्यू किया। बाद में इसे जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। बता दें कि, महासुखपुरा गांव के खेतों में एक किसान ने इस सांप को देखा और उसकी खास बनावट और बड़ी लंबाई ने तुरंत ग्रामीणों का ध्यान खींचा। यह दुर्लभ सांप रसेल वाइपर था, जिसे एशिया का सबसे जहरीला सांप माना जाता है। सांप को पहचानते ही ग्रामीणों ने वन विभाग और स्नेक मित्रों को सूचित किया। सांप के जहरीला होने की आशंका से ग्रामीण डरे हुए थे और लोग अपने घरों के आसपास सतर्क हो गए। सर्प मित्र ने किया रेस्क्यू घटना की सूचना मिलते ही स्नेक मित्र और वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने विशेष उपकरणों और सावधानीपूर्वक रणनीति का इस्तेमाल करते हुए सांप को बिना किसी नुकसान के पकड़ लिया। रेस्क्यू अभियान में टीम ने ग्रामीणों को समझाया और उन्हें सांप से जुड़े जरूरी एहतियात के उपाय भी बताए। सांप को जंगल में छोड़ा गया रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम ने रसेल वाइपर को जंगल के एक सुरक्षित हिस्से में छोड़ा। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह सांप आमतौर पर भारत में नहीं पाया जाता है। इसके मुरैना में मिलने से यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि सांप किसी और स्थान से भटककर यहां आया होगा। वन विभाग इस प्रजाति के यहां पहुंचने की जांच कर रहा है। रसेल वाइपर, बेहद खतरनाक और दुर्लभ प्रजाति रसेल वाइपर को दुनिया के सबसे घातक सांपों में गिना जाता है। इसका विष इतना ताकतवर होता है कि यह इंसान और जानवर दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, रसेल वाइपर मुख्यतः दक्षिण एशिया में पाया जाता है। इसका मुरैना के क्षेत्र में मिलना बेहद असामान्य है। थाना प्रभारी और वन विभाग की प्रतिक्रिया वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि अगर किसी को इस तरह के खतरनाक जीव या सांप दिखाई दें तो वे तुरंत वन विभाग को सूचित करें। विभाग का कहना है कि सुरक्षित और विशेषज्ञों द्वारा किए गए रेस्क्यू से किसी भी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकता है।


