राजस्थान में बाड़मेर का बॉर्डर एरिया लगातार नशा तस्करों का ठिकाना बनता जा रहा है। सेड़वा थाना इलाके के सिंहार गांव में मुर्गीपालन की आड़ में चली रही एमडी ड्रग फैक्ट्री को पुलिस और एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) ने पकड़ा है। MD बनाने के लिए 150 लीटर कैमिकल 15 ड्रम भरकर 40KM दूर धोरों में छुपा रखा था। कार्रवाई के दौरान एमडी ड्रग, पाउडर, रसायन और मशीनरी सहित करीब 8.50 करोड़ रुपए का सामान जब्त किया गया है। मौके से एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन आरोपी फरार हो गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तस्करों ने करीब 15 दिन पहले ही ड्रग बनाने का सेटअप तैयार किया था और एमडी की पहली खेप गुजरात सप्लाई करने की तैयारी में थे। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। फरवरी महीने की यह चौथी बड़ी कार्रवाई है। 8.50 करोड़ की एमडी और केमिकल जब्त सेड़वा के सिंहार गांव में दबिश देकर पुलिस ने ड्रग फैक्ट्री से 4 किलो 73 ग्राम तैयार एमडी, 34.746 लीटर लिक्विड केमिकल, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, अमोनिया, एसीटोन, 48 किलो 21 ग्राम सफेद व काला पाउडर तथा 540 ग्राम डोडा-पोस्त सहित बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 8.50 करोड़ रुपए आंकी गई है। पुलिस ने खेत मालिक आदम खान को गिरफ्तार किया है, जबकि करीम पुत्र अरबाब निवासी सिंहार और नवलाराम व जीयाराम निवासी दीपला सहित तीन आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में विशेष टीमें जुटी हैं। मुर्गीपालन की आड़ में चल रही थी फैक्ट्री पुलिस टीम ने सिंहार गांव में आदम खान के खेत पर दबिश दी। खेत में मुर्गीपालन के नाम पर बने दो कमरों के पीछे एक छप्पर में ड्रग निर्माण का पूरा सेटअप मिला। यहां अलग-अलग प्रकार के उपकरण, केमिकल की बोतलें, पाउडर और कांच की तीन बड़ी ट्रे में तैयार हो रहा मादक पदार्थ बरामद किया गया। गुजरात सप्लाई से पहले पकड़ी पहली खेप एसपी नरेंद्र सिंह मीणा ने बताया- रविवार को सेड़वा थाने के बीट कॉन्स्टेबल गंगाराम को सूचना मिली थी कि सिंहार गांव में एमडी की फैक्ट्री संचालित हो रही है। सूचना पर चौहटन डीएसपी जेठाराम और सेड़वा थानाधिकारी प्रभुराम मय पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचे। पूछताछ में सामने आया कि एमडी की पहली किश्त तैयार कर गुजरात समेत अन्य राज्यों में सप्लाई की तैयारी थी। आरोपियों ने 40KM दूर चौहटन थाना क्षेत्र के रोहड़ियों का तला, बावड़ी कल्ला में केमिकल के ड्रम छिपाकर रखे थे। यहां से 150 लीटर के तीन ड्रम और 5 लीटर के 12 ड्रम बरामद किए गए। एक संदिग्ध को डिटेन कर पूछताछ की जा रही है। बॉर्डर और हाईवे का फायदा उठा रहे तस्कर एसपी नरेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि बाड़मेर की सीमा गुजरात से सटी होने और भारतमाला हाईवे की उपलब्धता के कारण तस्करों को आवागमन में आसानी रहती है। पश्चिमी राजस्थान पहले से मादक पदार्थों की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील रहा है। जल्दी पैसा कमाने की चाह में युवा इस अवैध कारोबार की ओर आकर्षित हो रहे हैं। पुलिस ने अवैध ड्रग तस्करों की सूची तैयार कर रखी है और उसी आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच धनाऊ थानाधिकारी को सौंपी गई है। 7 माह में 5 फैक्ट्रियां पकड़ी, अब तक 7 का खुलासा जिले में ड्रग नेटवर्क लगातार उजागर हो रहा है। पिछले 7 माह में पुलिस 5 ड्रग फैक्ट्रियां पकड़ चुकी है। इनमें से सेड़वा थाना क्षेत्र में 3, जबकि सदर और धोरीमन्ना थाना क्षेत्रों में 1-1 फैक्ट्री पकड़ी गई। जिले में अब तक 7 ड्रग फैक्ट्रियों का खुलासा हो चुका है। पहली कार्रवाई (10 सितंबर 2024)
डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने बाड़मेर पुलिस की मदद से रामसर क्षेत्र में संचालित एक ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। यहां एमडी ड्रग बनाई जा रही थी। जांच में सामने आया कि नेटवर्क का संचालन पाकिस्तान के तनवीर शाह द्वारा किया जा रहा था, जबकि भारत में इसकी कमान कनाडा से जोबन कालर संभाल रहा था। दूसरी कार्रवाई (22 जुलाई 2025)
सेड़वा इलाके में धोरों के बीच ढाणियों में चल रही एक और ड्रग फैक्ट्री पकड़ी गई। इस मामले में बाड़मेर पुलिस नौ से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। तीसरी कार्रवाई (19 जुलाई 2025)
डीएसटी टीम ने सदर थाना क्षेत्र के आदर्श चवा इलाके में एमडी फैक्ट्री का खुलासा किया। मौके से भारी मात्रा में मशीनरी, केमिकल और तैयार एमडी बरामद की गई। चौथी कार्रवाई (5 फरवरी 2026)
सेड़वा के भैरूड़ी गांव में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और बाड़मेर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर ड्रग फैक्ट्री पकड़ी। पांचवीं कार्रवाई (16 फरवरी 2026)
धोरीमन्ना थाना पुलिस ने एक मकान पर दबिश देकर ड्रग बनाने में प्रयुक्त केमिकल बरामद किया। फैक्ट्री संचालन के लिए बिजली कनेक्शन भी लिया गया था। छठी कार्रवाई (22 फरवरी 2026)
सेड़वा पुलिस ने सिंहार गांव के धोरों में गुप्त रूप से बनाए गए कमरे से एमडी, केमिकल और उपकरण बरामद किए। — संबंधित ये खबर भी पढ़ें … छाछ बनाने वाली मशीन से बना रहे थे MD ड्रग्स:खेत में पेड़ों की ओट में चल रही थी नशा बनाने की फैक्ट्री बाड़मेर में तस्कर देशी तरीके से एमडी ड्रग्स बना रहे थे। पुलिस को चकमा देने के पेड़ों की ओट में फैक्ट्री बनाई थी। छाछ बनाने वाली मशीन से MD ड्रग्स तैयार करते थे। पूरी खबर पढ़िए


