पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हिंदुओं की हत्या और अत्याचार के खिलाफ सर्व हिंदू समाज और अन्य संगठनों ने अंबिकापुर में आक्रोश मशाल रैली निकाली। रैली के बाद आमसभा का आयोजन किया गया। आमसभा में वक्ताओं ने हिंदुओं पर अत्याचार के लिए ममता सरकार को जिम्मेदार बताते हुए पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हिंसा के दौरान कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। हिंसा में कई हिंदू परिवारों पर हमले हुए। इसके विरोध में अंबिकापुर में सर्व हिंदू समाज ने गुरुवार शाम आक्रोश मशाल रैली निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। आमसभा में ममता सरकार को बर्खास्त करने की मांग
आक्रोश मशाल रैली मल्टीपरपज स्कूल से निकली जो महामाया चौकी, संगम चौक होते हुए कलेक्टोरेट चौक पहुंची। कलेक्टोरेट चौक में आमसभा का आयोजन किया गया। आमसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने मुर्शिदाबाद घटना के लिए ममता सरकार को दोषी ठहराते हुए ममता सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि मुर्शिदाबाद में हिंसा हो रही है। वहां महिलाएं प्रताड़ित हो रही हैं। ममता दीदी को मुख्यमंत्री बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। वक्फ बोर्ड बिल पास होने के बाद हिंदू समाज को प्रताड़ित किया जा रहा है, यह गलत है। इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है। वक्ताओं के संबोधन के बाद मशाल रैली और प्रदर्शन समाप्त किया गया। आक्रोश मशाल रैली में बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों के नागरिक शामिल हुए।


