भास्कर न्यूज | रायगढ़ सुदूर वनांचल क्षेत्र के भ्रमण के दौरान कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ग्राम छाल पहुंचे और पंचायत स्तर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कोटवार द्वारा संधारित मुसाफिर रजिस्टर की जांच की और इसे ग्राम प्रशासन का महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया। कलेक्टर ने कहा कि मुसाफिर रजिस्टर केवल औपचारिक अभिलेख न रहकर गांव में आने-जाने वाले व्यक्तियों की जानकारी, गतिविधियों और आपात स्थिति में समन्वय का आधार होना चाहिए। सभी प्रविष्टियां नियमित रूप से दर्ज कर रजिस्टर को अपडेट रखने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) को निर्देशित किया कि उनके क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में कोटवारों द्वारा मुसाफिर और पलायन रजिस्टर का अनिवार्य संधारण सुनिश्चित कराया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह रजिस्टर ग्रामीण स्तर पर कानून-व्यवस्था, बाहरी व्यक्तियों की जानकारी, पलायन की निगरानी और आपातकालीन सूचना तंत्र के लिए अत्यंत उपयोगी है। निरीक्षण के दौरान पंचायत भवन, शासकीय परिसरों की स्वच्छता, अभिलेखों की सुव्यवस्था, लोक सेवा केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर के संचालन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के संपर्क नंबर दर्ज करने के निर्देश कलेक्टर ने निर्देश दिए कि रजिस्टर में एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, महिला व बाल विकास, बिजली विभाग सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अपडेट संपर्क नंबर दर्ज हों, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल समन्वय हो सके।


