भास्कर न्यूज|अमृतसर हाईकोर्ट ने मेयर का चुनाव गलत कराए जाने के मामले में पार्षद विकास सोनी की याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है। कोर्ट ने अगली सुनवाई 21 अप्रैल को तय की है। दरअसल, बीते 27 जनवरी को मेडिकल कॉलेज में मेयरशिप का चुनाव कराया गया, जिसमें आप पार्टी के जितेंद्र मोती भाटिया को मेयर तो प्रियंका शर्मा को सीनियर डिप्टी मेयर और अनीता कुमारी को डिप्टी मेयर बनाया। लेकिन कांग्रेस के पार्षदों ने विरोध जताया कि उनके पास 41 पार्षद होने के साथ ही बहुमत भी है। इसके बाद 28 जनवरी को हाईकोर्ट में गलत तरीके से चुनाव कराने की याचिका डाली गई। वहीं कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। जिस पर 11 फरवरी को सुनवाई करते हुए सरकार को अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। गौर हो कि बीते 21 दिसंबर को निगम चुनाव संपन्न हुआ था। इसी दिन परिणाम भी जारी हो गए थे। 85 वार्डों में 24 सीटें आप पार्टी तो 40 कांग्रेस के खाते में गई थी। वहीं 8 आजाद तो 9 बीजेपी और 4 अकाली दल के पार्षद जीते थे। आप पार्टी ने 7 आजाद तो दो बीजेपी पार्षदों को अपने खेमे में कर लिया। जबकि एक आजाद पार्षद कांग्रेस के खेमे में गया। बीते 27 जनवरी को हुए चुनाव में 7 विधायकों और 4 अकाली दल का सपोर्ट बता 44 पार्षद के समर्थन से मेयर बनाने का दावा किया था। फिलहाल, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से सरकार से अपना पक्ष रखने का आदेश दिए जाने के बाद मेयर की चेयर पर पेंच फंस गया है। सरकार को साबित करना होगा कि मेयर बनाने के लिए उनके पास पूर्ण बहुमत था। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हाईकोर्ट की ओर से मेयरशिप को खारिज किया जा सकता है। यह तो अगली सुनवाई पर ही पता चलेगा कि सरकार अदालत में क्या जवाब देगी।


