निकाय चुनाव को लेकर प्रत्याशियों का प्रचार शुरू हो गया है। सभी विकास के तमाम वादे कर रहे हैं। पर वार्ड 33 और 34 के लोगों को इसपर भरोसा करना मुश्किल हो रहा है। इलाके में पेयजल आपूर्ति, साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाएं बदहाल हैं। वार्ड नंबर-33 के लोगों ने बताया कि अधिकांश घरों तक सप्लाई का पानी नियमित रूप से नहीं पहुंच पा रहा है। वार्ड 34 के गंगानगर, विद्यानगर और जमुनानगर मोहल्लों में पाइपलाइन बिछाने के बावजूद अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। लोगों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाकर काम अधूरा छोड़ दिया गया है। मजबूरी में अधिकांश परिवार निजी बोरिंग पर निर्भर हैं। गर्मी के मौसम में बोरिंग का जलस्तर नीचे चला जाता है, जिससे पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है। कई बार लोगों को पानी खरीदकर काम चलाना पड़ता हैै। वार्ड नंबर- 33 और 34 में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। वार्डवासियों के अनुसार निगम की कचरा उठाव गाड़ी नियमित रूप से नहीं आती, जिससे जगह-जगह गंदगी जमा हो जाती है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से दुर्गंध और मच्छरों की समस्या भी बढ़ रही है। इसके अलावा कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं। शाम होते ही अंधेरा छा जाता है और रात 8 बजे के बाद सन्नाटा पसर जाता है। इससे चोरी और असामाजिक गतिविधियों की आशंका बनी रहती है। लोगों का यह भी आरोप है कि कई सरकारी योजनाओं का लाभ अब तक अधिकांश घरों तक नहीं पहुंचा है। वार्ड में अटल क्लिनिक की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। वार्ड नंबर 34 के निवर्तमान पार्षद बिनोद कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में कुछ नालियों और सड़कों का निर्माण कराया गया है, लेकिन अब भी कई सड़कें कच्ची हैं।


