छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम लछनपुर महंत निवासी आशीष कुमार ने केरल सरकार के अंतर्गत केरल यूथ लीडरशिप अकादमी (KYLA) के “सी केरल, नो केरल” कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह दस दिवसीय राष्ट्रीय युवा नेतृत्व अध्ययन यात्रा 19 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित हुई। इस कार्यक्रम में भारत के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से एक-एक युवा प्रतिनिधि का चयन किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने केरल के आठ जिलों का दौरा किया और राज्य के विकास मॉडल को करीब से समझा। शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय स्वशासन पर फोकस अध्ययन यात्रा के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, स्थानीय स्वशासन जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहा। प्रतिभागियों को केरल की आधुनिक सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था, मजबूत स्वास्थ्य सेवाएं, विकेंद्रीकृत स्थानीय शासन प्रणाली के बारे में जानकारी मिली। कुडुम्बश्री नेटवर्क और स्टार्टअप पहल की जानकारी यात्रा के दौरान विश्व के सबसे बड़े महिला सशक्तिकरण अभियानों में शामिल ‘कुडुम्बश्री’ नेटवर्क के कार्यों को समझने का अवसर मिला। साथ ही केरल स्टार्टअप मिशन, जिम्मेदार पर्यटन जैसी पहलों की जानकारी भी दी गई। विधानसभा अध्यक्ष और अधिकारियों से चर्चा कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने केरल विधानसभा के अध्यक्ष ए.एन. शमसीर, विभिन्न जिलों के कलेक्टरों, केरल राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रो. वी.के. रामचंद्रन से मुलाकात की। इस दौरान शासन, विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। देशभर के युवाओं के लिए सीखने का मंच आशीष कुमार के अनुसार यह कार्यक्रम देशभर के युवा नेताओं के लिए सीखने, संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। TISS से की पढ़ाई, स्वास्थ्य क्षेत्र में कर रहे काम आशीष कुमार ने मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) से सोशल वर्क में स्नातक, परास्नातक की पढ़ाई की है। फिलहाल उज्जैन के एक एनजीओ के साथ मिलकर स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे हैं। अनुभव से मिला नया दृष्टिकोण आशीष कुमार के अनुसार इस अनुभव से समावेशी विकास, नेतृत्व, सामाजिक बदलाव को लेकर नया दृष्टिकोण मिला। भविष्य में इन सीखों को अपने कार्यों में लागू करने की योजना है।


