सरगुजा जिले के प्रमुख पर्यटन केंद्र मैनपाट के टाइगर प्वाइंट में बनी गुमटियों में बीती रात भीषण आग लग गई। आगजनी से करीब दर्जनभर गुमटियां जल गई हैं। लकड़ियों एवं घास से बनी इन गुमटियों में स्थानीय लोग दुकानें लगाते थे। गुमटियों के साथ दुकानदारों द्वारा रखा गया कुर्सी एवं दुकान का सामान भी जल गया है। मामला कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, टाइगर प्वाइंट पर कई लोगों द्वारा गुमटियां बनाकर यहां खाने का सामान बेचा जाता है। बीती रात करीब 11 बजे लोगों ने इन गुमटियों को जलते हुए देखा एवं संचालकों को सूचना दी। दुकानों के संचालक मौके पर पहंुंचे व आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन घास एवं प्लास्टिक से बनी गुुमटियों में तेजी से आग फैली एवं लाइन से बनीं सभी गुमटियां आग की चपेट में आ गईं। पहले भी हो चुकी है आगजनी
गुमटियों में लगी आग से दुकानों में रखी गई कुर्सियां टेबल एवं खाने का सामान बनाने का सामान भी जलकर खाक हो गया। दर्जनभर से अधिक गुमटियों के जलने से यहां के दुकानदारों को खासा नुकसान हुआ है। आगजनी के लिए शरारती तत्वों पर संदेह जताया गया है, हालांकि इस बात की भी आशंका है कि ठंड से बचने जलाए गए अलाव को नहीं बुझाए जाने से यह घटना हुई होगी। आज दूसरे दिन पीड़ित ग्रामीण राख के ढेर के बीच बचे सामानों को ढूंढते रहे। आगजनी से शिवकुमार यादव, राजेश यादव, अनिल यादव, संजू यादव, कैलाश यादव सहित अन्य दुकानदारों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। दुकानदारों ने बताया कि उन्हें फिर से कारोबार शुरू करने में काफी समय लगेगा। टाइगर प्वाइंट मैनपाट का प्रमुख आकर्षण है, जहां कई ग्रामीण परिवार पर्यटकों को चाय, भोजन, स्मृति चिन्ह बेचकर अपना गुजारा करते हैं। घास, लकड़ी और टीन से बनी इन अस्थायी दुकान मड़ई पर इनका सब कुछ निर्भर था। दुकानदारों को लाखों का नुकसान हुआ है। इससे पहले करीब एक वर्ष पूर्व भी मैनपाट के गुमटियों में आगजनी की घटना हुई थी। आगजनी के बाद संचालकों ने फिर से गुमटियां बनाकर दुकानें लगाई थीं।


