मैनपाट महोत्सव में प्रशासन ने मुख्यमंत्री के हाथों जिन निर्माण कार्यों का लोकार्पण कराया गया, उनमें अंबिकापुर नगर निगम का प्रशासनिक भवन भी शामिल है। नए प्रशासनिक भवन का लोकार्पण मैनपाट महोत्सव में कराने की जानकारी मिलने पर विपक्ष ने सत्तापक्ष की मंशा पर सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष शफ़ी अहमद ने नए भवन का उद्घाटन आनन-फानन और गोपनीय तरीके से करना लोकतंत्र, पारदर्शिता और स्थानीय स्वशासन की भावना पर सीधा हमला है। मैनपाट महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले के निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया। इसमें नगर निगम अंबिकापुर का नया प्रशासनिक भवन भी शामिल है। इसकी जानकारी प्रशासन के पीआरओ द्वारा जारी की गई सूची से मिली। नगर निगम के प्रशासनिक भवन का निर्माण कांग्रेस के शासनकाल में शुरू किया गया था। करीब 8 करोड़ की लागत से यह प्रशासनिक भवन नए बस स्टैंड के पास बनाया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा-बेहद दुर्भाग्यपूर्ण
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनता द्वारा चुने गए पार्षद,जो नगर निगम की रीढ़ हैं,उन्हें इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की सूचना तक नहीं दी गई। क्या नगर निगम किसी एक दल या व्यक्ति की निजी संपत्ति है, या यह जनता के जनादेश से चलने वाली संस्था है? उन्होंने कहा कि पार्षद अपने-अपने वार्ड की समस्याओं के समाधान और योजनाओं की निगरानी में निरंतर सक्रिय रहते हैं। ऐसे में शहर के सबसे बड़े प्रशासनिक भवन के उद्घाटन से उन्हें दूर रखना न केवल उनका, बल्कि उन हजारों मतदाताओं का भी अपमान है, जिन्होंने उन्हें चुनकर भेजा है। यह घटना सरकार की तानाशाही मानसिकता और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति असम्मान को दर्शाती है। शफ़ी अहमद ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक कार्यक्रमों को राजनीतिक मंच बनाकर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अलग-थलग करना लोकतंत्र की आत्मा के खिलाफ है। उन्होंने वर्तमान लोकार्पण को न मानते हुए नगर निगम के नए प्रशासनिक भवन का गरिमामय समारोह आयोजित कर स्थानीय जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति पुनः लोकार्पण कराने की मांग की है। महापौर बोलीं- मुखिया ने लोकार्पण किया, हिंदू विधि से करेंगे प्रवेश
महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि प्रदेश के मुखिया के हाथों जिलेभर के निर्माण कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया जाना था। इसमें निगम के प्रशासनिक भवन को भी शामिल किया गया है। लेकिन हम हिंदू विधि विधान से पूूजा अर्चना के बाद ही नए भवन में प्रवेश करेंगे। इसके लिए अलग से कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी प्रमुख लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। भाजपा के पार्षदों को भी नहीं मिली जानकारी
बताया गया है कि नगर निगम के नए प्रशासनिक भवन का लोकार्पण कराने की जानकारी भाजपा के पार्षदों को भी नहीं थी। इसके पहले 2 फरवरी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अंबिकापुर प्रवास के दौरान भी इस प्रशासनिक भवन के लोकार्पण की तैयारी की गई थी। मुख्यमंत्री यहां भाजपा कार्यालय के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम में पहुंचे थे। ऐन वक्त पर नगरीय निकाय मंत्री के नहीं पहुंचने का कारण बता इसे टाल दिया गया था। इसके 12 दिन बाद भवन का लोकार्पण करा दिया गया। इसे लेकर भाजपा पार्षदों में भी असंतोष है।


