मैनपाट महोत्सव 2026 के तीन दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन बालीवुड सिंगर कनिका कपूर ने अपनी प्रस्तुति से शमा बांध दिया। कनिका कपूर ने अपने लोकप्रिय गीत “चिट्टियां कलाइयां”, “बेबी डॉल”, “यार ना मिले” सहित कई सुपरहिट बॉलीवुड गीतों की प्रस्तुति दी। अंतिम दिन के कार्यक्रम में हजारों की संख्या में उपस्थित दर्शक झूम उठे। तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का आयोजन जहां शुरू के दो दिन फीका रहा, वहीं अंतिम दिन रविवार को रंगत लौटी। मैनपाट महोत्सव में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। सांस्कृति संध्या के दौरान पूरा पंडाल खचाखच भरा रहा। सांस्कृति संध्या में रायगढ़ के कलाकार राकेश शर्मा ने भक्ति, सूफी एवं लोकगीतों की प्रस्तुतियां दी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्रस्तुत शिव भजन एवं शिव ताण्डव नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्होंने आध्यात्मिक वातावरण का सृजन किया। स्थानीय कलाकारों में राहुल मण्डल, मानवी भगत, जय किशन विश्वास, शिवम सिन्हा सहित अन्य प्रतिभाओं ने अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से दर्शकों की सराहना बटोरी। कोरिया जिले के सचिन्द्र कुमार एवं मनेन्द्रगढ़ की जसमीत कौर ने गीत-संगीत की मनमोहक प्रस्तुति दी। बिलासपुर की नृत्यांगना ज्योति श्री वैष्णव ने कत्थक नृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी। महोत्सव के अंतिम दिन कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। सांसद बोले-मैनपाट महोत्सव को मिलेगा भव्य स्वरूप
समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि चिंतामणि महाराज ने कहा कि यह महोत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि सरगुजा की पहचान और गौरव का प्रतीक है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा शुभारंभ अवसर पर जिले को विकास कार्यों की महत्वपूर्ण सौगात दी गई है, जिससे क्षेत्र में अधोसंरचना और पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। सांसद ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में मैनपाट निरंतर आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में यह महोत्सव और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि मैनपाट महोत्सव स्थानीय संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़ाव का माध्यम है। मुख्यमंत्री द्वारा मैनपाट में पर्यटन विकास हेतु 1 करोड़ रुपये की राशि की घोषणा की गई है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी। कलेक्टर अजीत वसंत ने तीन दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक संध्या, खेल प्रतियोगिताएं, स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी, पर्यटन गतिविधियां एवं अन्य आकर्षक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। दो दिनों तक फीका रहा महोत्सव, अंतिम दिन लौटी रौनक
मैनपाट महोत्सव के आयोजन के पहले दो दिन फीके रहे और दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित नहीं कर सके। शनिवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम में गिने चुने दर्शक पहुंचे। अंतिम दिन रविवार को महाशिवरात्रि व भारत-पाकिस्तान के क्रिकेट मैच के बावजूद हजारों की संख्या में सैलानी व दर्शक मैनपाट पहुंचे। सांस्कृतिक संख्या में मैदान खचाखच भरा रहा।
दरअसल मैनपाट महोत्सव के आयोजन के समय चयन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। आगामी वर्षों में मैनपाट महौत्सव फरवरी के प्रथम सप्ताह में कराए जाने की उम्मीद है।


