मैहर में धान खरीदी के एक केंद्र में फर्जीवाड़ा सामने आया है। पंजीयन की सूची में 11 साल पहले मर चुकी एक महिला का नाम दर्ज है। मामला कलेक्टर के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं। जिले के ग्राम भीषमपुर निवासी मृत महिला का नाम धान पंजीयन के भूस्वामी के रूप में सामने आया है। इसका पंजीयन भी सोशल मीडिया में वायरल है। ये है पूरा मामला किसानों के धान पंजीयन कार्य के दौरान ग्राम जरियारी निवासी पुष्पेंद्र पटेल नामक किसान ने शासन-प्रशासन की आंखों में धूल झोंक कर भीषमपुर निवासी इंद्रा देवी की पठरा की सात भूमि को अपने पंजीयन में शामिल कर लिया। हालांकि इनमें स्थानीय कर्मचारियों और सहकारी विपरण संस्था अमरपाटन की भी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। जिस महिला के नाम पंजीयन, उसकी मौत 2014 में हो चुकी जानकारों ने बताया कि जब किसी व्यक्ति की भूमि को पंजीयन में शामिल किया जाता है तो उस व्यक्ति का कार्यालय पर उपस्थिति दर्ज करवाना अनिवार्य होता है। मगर, ऐसे में एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि जिस महिला की वर्ष 2014 में मृत्यु हो चुकी है वो कार्यालय कैसे पहुंची? मृत महिला का मृत्यु प्रमाण पत्र भी सामने आ गया है। जिससे साफ जाहिर होता है कि कितने बड़े पैमाने पर यहा फर्जीवाड़ा किया गया है। इसके अलावा पंजीयन में एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। किसानों की माने तो पंजीयन में आवेदनकर्ता अगर किसी अन्य व्यक्ति की भूमि को अपने साथ जोड़ता है तो उसको सिकमी में शामिल किया जाना आवश्यक है। कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश लेकिन पुष्पेंद्र पटेल के पंजीयन दस्तावेज में सभी भूमि स्वयं में नजर आ रही है। ये एक बड़ी चूक मानी जा रही है। इस पूरे मामले में कलेक्टर रानी बाटड ने जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


