मैहर जिले के वन क्षेत्रों में जंगली हाथियों की आमद से ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मच गया है। वन विभाग ने अब तक दो हाथियों की आधिकारिक पुष्टि की है। यह दल वन मंडल उत्तर शहडोल से निकलकर सीधी होते हुए मैहर वन क्षेत्र में पहुंचा है। सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित गांवों की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। वन विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं। रामनगर तहसील के ग्राम भैंसरा, मनकेश्वर और सरिया सहित आसपास के क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधि दर्ज की गई है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दल में शामिल एक हाथी पर जीपीएस ट्रैकर लगा है। सिस्टम के माध्यम से उसकी लोकेशन लगातार मॉनिटर की जा रही है। विशेषज्ञों की टीम हाथियों की दिशा, रफ्तार और संभावित मार्ग का आकलन कर रही है, ताकि उन्हें आबादी से दूर सुरक्षित जंगल की ओर मोड़ा जा सके। सुरक्षा के लिए काटी बिजली किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रभावित ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। यह कदम हाथियों या लोगों को खुले तारों या ट्रांसफॉर्मर के संपर्क में आने से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है। ग्रामीणों ने देर रात खेतों और वन सीमाओं के पास हाथियों की आवाजाही देखी, जिसके बाद वन अमला तुरंत सक्रिय हो गया। हालांकि, स्थानीय लोगों को हाथियों की संख्या अधिक होने की आशंका है। लाउडस्पीकर से कर रहे अलर्ट वन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को घरों में रहने, खेतों में अकेले न जाने और रात में बाहर न निकलने की हिदायत दी जा रही है।


