मोगा नाबालिग रेप और अपहरण केस:कोर्ट ने तीनों आरोपियों को बरी किया, सबूत और गवाहों की कमी पड़ी

मोगा जिला एवं एडिशनल सेशन जज बिशन सरूप की कोर्ट ने 16 महीने पुराने एक मामले में युवती समेत तीन आरोपियों को बरी कर दिया है। यह मामला 14 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर घर से भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने से संबंधित था। कोर्ट ने सबूतों और गवाहों की भारी कमी के चलते यह फैसला सुनाया। यह घटना करीब 16 महीने पहले की है। थाना समालसर पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को नामजद किया था। आरोप था कि आरोपियों ने एक 14 वर्षीय नाबालिग को उसके घर से बहला-फुसलाकर भगाया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। आरोपियों में हैप्पी सिंह उर्फ डी.जे, हरजीत सिंह उर्फ जीता और मनप्रीत कौर शामिल थे। हैप्पी सिंह की ओर से एडवोकेट राजेश रीहान, हरजीत सिंह की ओर से एडवोकेट अर्शदीप सिंह मल्लके और मनप्रीत कौर की ओर से एडवोकेट चमकौर सिंह बराड़ ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा। 2024 में पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज कराई थी शिकायतकर्ता, पीड़िता की मां ने 29 अक्टूबर 2024 को थाना समालसर पुलिस को बयान दर्ज कराए थे। उन्होंने बताया था कि 25 अक्टूबर 2024 को जब वह और उनके पति काम पर गए थे, तब उनकी 14 वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी। बाद में उन्हें पता चला कि उनकी बेटी घर से गायब है। काफी तलाश के बाद भी जब बेटी का पता नहीं चला, तो उन्हें हैप्पी सिंह उर्फ डीजे पर संदेह हुआ। पीड़िता की मां ने पुलिस को शिकायत दी कि हैप्पी सिंह अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उनकी बेटी को ले गया है। प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने पीड़िता को बरामद किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में पुलिस को हैप्पी के साथ-साथ इस काम में हरजीत सिंह और मनप्रीत कौर ओर से भी उसका सहयोग करने संबंधी पता चला था। जिस पर पुलिस ने हैप्पी सिंह उर्फ डी जे, हरजीत सिंह उर्फ जीता और मनप्रीत कौर के खिलाफ पोक्सो एक्ट समेत बनती विभिन्न धाराओं के अधीन 29 अक्तूबर 2024 को थाना समालसर में मामला दर्ज किया था। इस मामले में अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने सबूतों व गवाहों के आधार पर अपना फैसला सुनाया है।

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