मोगा में जिला एवं अतिरिक्त सेशन जज शिव मोहन गर्ग की अदालत ने नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के दोषी को कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने सुखमंदर सिंह उर्फ बादल को प्रतिबंधित नशीली गोलियों की बिक्री का दोषी पाते हुए 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 50 हजार रुपए का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे न भरने की सूरत में उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह कानूनी मामला करीब साढ़े पांच साल पुराना 19 अगस्त 2020 का है। पुलिस ने गुप्त सूचना पर गांव घोलिया कलां निवासी सुखमंदर सिंह उर्फ बादल को भारी मात्रा में नशीली गोलियों सहित गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि आरोपी इन गोलियों को अवैध रूप से बेचने की फिराक में था। बादल के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा में केस दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए ठोस सबूतों, बरामदगी के दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने सुखमंदर सिंह नशीले पदार्थों की तस्करी का दोषी माना। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि समाज में नशे के जहर को फैलने से रोकने के लिए ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है, जिसके बाद सुखमंदर को दोषी करार देते हुए सजा मुकर्रर की गई।
जुर्माना न भरने पर छह माह की अतिरिक्त कैद अदालत के आदेशानुसार, दोषी को अपनी सजा के साथ-साथ 50 हजार रुपए का जुर्माना अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। यदि दोषी निर्धारित जुर्माना राशि भरने में विफल रहता है, तो उसे कानूनी प्रावधानों के तहत 6 महीने की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। फैसले के बाद पुलिस ने दोषी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। इस फैसले को इलाके में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस और न्यायपालिका की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।


