लुधियाना के थाना सुधार पुलिस ने एक पुलिस अधिकारी के बेटे को विदेश भेजने का झांसा देकर 33 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पहले ऑस्ट्रेलिया का वर्क परमिट दिलाने का झांसा दिया, फिर यूके का स्टडी वीजा। इसके लिए फर्जी डिग्री और शादी का खेल भी किया। डीएसपी दाखा वरिंदर सिंह खोसा की जांच रिपोर्ट और एसएसपी लुधियाना ग्रामीण डॉ. अंकुर गुप्ता के आदेशों पर पुलिस ने तीन एजेंटों रीना रानी (निवासी अबूवाल सुधार, लुधियाना), लखबीर सिंह (निवासी कॉलेज रोड, दाखा, लुधियाना) और महेश कुमार वर्मा (निवासी बिरमपुर, तहसील गढ़शंकर, जिला होशियारपुर) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत के अनुसार- एजेंटों ने कैसे की ठगी गांव बिलासपुर (जिला मोगा) निवासी पुलिस अधिकारी मनोहर लाल ने शिकायत में बताया कि उनका बेटा चननप्रीत सिंह विदेश जाना चाहता था। इसी सिलसिले में उन्होंने आरोपियों से संपर्क किया। एजेंटों ने पहले ऑस्ट्रेलिया का वर्क परमिट दिलाने का झांसा दिया और वीज़ा न लगने पर यूके स्टडी वीज़ा पर भेजने का भरोसा दिलाया। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने 5 लाख रुपये एडवांस और सिक्योरिटी चेक लेने के बाद यूके भेजने के नाम पर 25 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर करवाए। टिकट व अन्य खर्चों सहित कुल 33 लाख रुपये लिए गए। युवती की फर्जी बीबीए की डिग्री और कागजों में शादी दिखाई जांच में सामने आया कि यूके स्टडी वीज़ा के लिए कथित तौर पर एक लड़की किरणजीत कौर के नाम पर फर्जी बीबीए डिग्री तैयार कर कागजों में शादी दर्शाते हुए फाइल लगाई गई, जबकि संबंधित यूनिवर्सिटी की पूरी फीस जमा नहीं करवाई गई, जिसके कारण यूके एंबेसी ने वीज़ा रद्द कर दिया। पंचायत में नहीं हुआ फैसला इस संबंध में 17 जनवरी 2026 को पंचायत भी बुलाई गई, लेकिन आपसी आरोप-प्रत्यारोप के चलते कोई समाधान नहीं निकल सका। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि एजेंटों ने मिलीभगत कर उनके साथ धोखाधड़ी की, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक नुकसान हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर थाना सुधार के एसएचओ को आगे की जांच के निर्देश दे दिए हैं।


