पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने मोगा स्थित जनैर पुनर्वास केंद्र का दौरा किया। उन्होंने नशा मुक्ति को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मंत्री ने कहा कि नशा बेचने वालों के प्रति सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है। आगे कहा कि जो लोग नशा छोड़ना चाहते हैं, उनकी मदद की जाएगी। नशे के इंजेक्शन लेने वालों को पहले दवाइयों पर लाया जाएगा। फिर धीरे-धीरे उन्हें दवाइयों से भी मुक्त कराया जाएगा। किसानों से बातचीत की अपील सरकार की योजना है कि नशामुक्त होने वाले लोगों को कौशल विकास के जरिए रोजगार से जोड़ा जाए। जो व्यक्ति जो काम सीखना चाहेगा, उसे वही सिखाया जाएगा और उसी क्षेत्र में नौकरी दी जाएगी। किसान आंदोलन पर बोलते हुए मंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसानों के अलग-अलग समूह बनने से पंजाब को नुकसान हो रहा है। उन्होंने किसानों से बातचीत की अपील की। भ्रष्टाचार और ड्रग तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस तहसीलदार तबादले पर स्पष्टीकरण देते हुए मंत्री ने कहा कि भ्रष्ट लोगों को संरक्षण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि भ्रष्टाचार और ड्रग तस्करी दोनों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। किसी की भी माता को रोकना सही नहीं। मुख्यमंत्री भगवंत मान का माता को रोकने पर बोले कि चाहे वे मुख्यमंत्री साहब की माता हों या किसी और की माता, किसी को भी रोकना सही नहीं है। इससे लोगों को परेशानी होती है। किसानों को इसे समझना होगा। मैं भी 13 महीने बॉर्डर पर किसानों के साथ बैठा था और उनके लिए दिन-रात मेहनत की थी। आगे कहा कि कोई व्यक्ति अस्पताल जा रहा हो, किसी को अंतिम संस्कार में जाना हो, किसी की शादी हो, कोई इमरजेंसी हो, किसी को अपना सामान भेजना हो या कच्चा माल बाहर से मंगवाना हो। कई ऐसे जरूरी काम होते हैं, जो सड़कों के माध्यम से ही किए जाते हैं। वैसे भी, मेरा मानना है कि उन्होंने कहा था कि वे अब कोई सड़क ब्लॉक नहीं करेंगे।


