बूंदी के माटुंदा गांव में सोमवार दोपहर करंट लगने से दो किसानों की मौत हो गई। सदर पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। घटना को लेकर विधायक हरिमोहन शर्मा ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी और मुआवजे की मांग की है। सदर थानाधिकारी रमेश आर्य ने बताया कि करंट की चपेट में आने से दोनों किसानों की मौत हुई है। किसान रामदेव माली (60) खेत पर जानवरों को पानी पिलाने के लिए मोटर चालू कर रहा था। इस दौरान ट्रांसफार्मर की डीपी में डायरेक्ट तार जोड़ते समय करंट आने से वह तार से चिपक गया। पास ही के खेत में पशु चरा रहे किसान रामभरोसे राजपूत (50) ने यह देखा तो वह दौड़कर रामदेव को बचाने पहुंचा और करंट की चपेट में आ गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के काफी देर बाद परिजनों को जानकारी मिली। ग्रामीणों ने बिजली बंद कर दोनों को तारों से अलग किया। पुलिस ने शवों को बूंदी जिला अस्पताल पहुंचाया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता सतीश शर्मा जिला अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। रामदेव खेत पर बटाई पर काम करता था। दोनों किसान मजदूरी कर परिवार चलाते थे। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। विधायक ने लगाया लापरवाही का आरोप विधायक हरिमोहन शर्मा ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा, समय पर सिस्टम की निगरानी नहीं होने से हादसे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा, बिजली बोर्ड की लापरवाही से हादसा हुआ। दोनों परिवारों की हालत खराब है। एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की गई है।


