^मोबाइल को लोग टीवी के सामान न देखें, यह सिर्फ एक मोबाइल है लेकिन लोग इसे टीवी समझने लगे हैं। मोबाइल सिर्फ मैसेज या कॉलिंग के लिए ही इस्तेमाल करना चाहिए। वीडियो देखने के लिए मोबाइल नहीं बना है। इससे आंखें भी खराब होती है, कंस्ट्रेशन के लिए और पॉश्चर के लिए भी हानिकारक है। अगर लोग मोबाइल का इस्तेमाल कम कर दे तो आधे से ज्यादा प्रॉब्लम ऐसे ही ठीक हो जाएंगी। अगर देखना भी चाहते है तो सिर्फ 10 मिनट तक देखना अच्छा हैं। ज्यादा मोबाइल देखने से लोगों को गर्दन में दर्द की समस्या पैदा हो जाती हैं। – डॉ. गुरबख्श सिंह, ईएनटी स्पेशलिस्ट। ^लोग सर्वाइकल का शिकार हो रहे मोबाइल चलाने से पहले गर्दन दर्द की परेशानी आती है, मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल होने से फिर धीरे-धीरे सर्वाइकल में तबदील होने लगता है। मोबाइल कई बार लोग सोचते है कि शायद मैं लेट कर देख लेता हूं इससे कोई गर्दन में इफेक्ट नहीं आएगा, तो यह गलत विचार है। मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल किसी भी अवस्था में हद से ज्यादा करते हैं तो हानिकारक ही है। इसे सिर्फ कॉलिंग के लिए यूज करना चाहिए। नबज, आंखे, हाथों के ज्वाइंट के साथ वीडियो देखने में बनाया पॉश्चर भी समस्या बनता है। – डॉ. दीपेश कुमार, स्पाइन स्पेशलिस्ट। अमनदीप सिंह | अमृतसर ज्यादा मोबाइल देखने से लोग सर्वाइकल का शिकार हो रहे हैं क्योंकि यह लोगों का बॉडी पॉश्चर मेंटेन करता है। लोग मोबाइल की लत में इतना घुस जाते है, कि एक ही पॉश्चर में लंबा समय निकाल देते हैं। जिससे लोगों की गर्दन अकड़ने लगती है गलत आदत के कारण सर्वाइकल का शिकार हो जाते हैं। यह काम यहां ही नहीं रुकता कई लोगों की मोबाइल का लंबा इस्तेमाल के कारण हाथों में सूजन और दर्द होने के केस भी सामने आए हैं। लोग मोबाइल देखने में इतना खो जाते है कि सबकुछ भूल जाते हैं फिर एक घंटे बाद याद आता है कि मेरी गर्दन दर्द कर रही हैं। कभी-कभी गर्दन अकड़ जाती है कई लोगों की नसें भी सुन हो जाती हैं। निर्मल सिंह निवासी सुल्तानविंड के हाथों में मोबाइल का इस्तेमाल करने से सूजन आ जाती हैं। वह डॉक्टर के पास इलाज करवाने पहुंचे थे। 55 साल के हरजोत सिंह निवासी खजाना गेट मोबाइल पर खबरें और वीडियो देखते रहते थे। वह डॉक्टर के पास गर्दन की दर्द लेकर पहुंचे थे। 48 साल की नवजोत कौर निवासी अंदरूनी रामबाग सर्वाइकल की दवाई लेने पहुंची थी। जिसने डॉक्टर को उपचार के दौरान बताया कि मोबाइल ज्यादा देखती हैं।


