झालावाड़ में अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों का तुरंत ऑनलाइन चालान कटेगा। पुलिसकर्मी मौके पर ही मोबाइल से वाहन का फोटो खींचकर चालान बना सकेंगे। इस नई व्यवस्था से चालान से बचने के लिए किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति का फोन काम नहीं आएगा, क्योंकि चालान चंद सेकंडों में बन जाएगा और इसकी सूचना मोबाइल पर मैसेज के जरिए मिल जाएगी। यह सुविधा अब केवल ट्रैफिक पुलिस तक सीमित नहीं रहेगी। जिले के थानों में कार्यरत कांस्टेबल से लेकर उच्च रैंक के पुलिस अधिकारी तक अपने स्वयं के मोबाइल से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर तुरंत चालान काट सकेंगे। जिले में अब तक 63 पुलिसकर्मियों को इस नई प्रणाली के लिए प्रशिक्षित किया गया है और उनके मोबाइल में संबंधित ऐप डाउनलोड किया जा चुका है। प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों ने पिछले लगभग 20 दिनों में 175 से अधिक ऑनलाइन चालान बनाए हैं। इन चालानों के जमा होने पर विभाग को 87 हजार 500 रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा। इस मोबाइल आधारित चालान प्रणाली के तहत दोपहिया और चारपहिया वाहनों सहित सभी प्रकार के चालान बनाए जा सकेंगे। वर्तमान में, जिले के प्रत्येक थाने से दो एएसआई और हेड कांस्टेबल इस कार्य को संभाल रहे हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि मोबाइल ऐप के माध्यम से चालान बनाने की प्रक्रिया से काम और आसान हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे ट्रैफिक नियमों की पालना में तेजी से सुधार होगा।
चालान काटने के बाद 15 दिन का मिलेगा समय ऑनलाइन चालान काटने के बाद वाहन ड्राइवर को 15 दिन का समय चालान की पुष्टि के लिए दिया जाएगा, यदि गलत है तो वह समाधान के लिए संपर्क कर सकेगा और यदि चालान सही है तो 15 दिन पूरे होने के बाद ई मित्र या ट्रैफिक पुलिस कार्यालय में चालान जमा हो सकेंगे। पुलिस की ओर से बिना हेलमेट, सीट बेल्ट, मोबाइल पर बात करने ,गलत साइड, तीन सवारी, ओवरलोड वाहन, खतरनाक तरीके से वाहन चलाना, नो पार्किंग, आदेश की अव्हेलना करने पर चालान बनाए जा सकेंगे। मोबाइल में आईडी बनाने के बाद चालान की सुविधा शुरू पुलिस के अनुसार यातायात नियमों के चालान के लिए ऑनलाइन सुविधा के लिए एप डाउनलोड करना पड़ेगा, इसके बाद आई डी अपडेट होगी।(वायलेशन ऑन कैमरा ) इसके बाद चालान बनाने के लिए केवल नम्बर प्लेट की फोटो खींचनी होगी। इससे आरसी निकाल कर पूरी डिटेल सामने आ जाएगी, इसके बाद एक ऑप्शन खुलेगा क्या नियम तोड़ा है उस पर क्लिक करते ही ऑनलाइन चालान बनेगा जो मेसेज के माध्यम से वाहन ड्राइवर को अपडेट करेगा। पहले इस प्रकार से बनते थे चालान पहले ट्रैफिक ओर थानों की पुलिस को ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर रोका जाता था। इसके बाद दस्तावेज के बारे में जानकारी लेकर चालान बुक से एक प्रति आपको उपलब्ध कराई जाती थी, इस प्रकार प्रकिया में देरी होने से कई प्रभावशाली लोगों से या नेताओं से फोन कराकर कुछ लोग बच जाते थे या कोई कारण बताने पर छोड़ दिया जाता था।


