मोहन सरकार ने केंद्र के सामने रखा न्याय संहिता टाइमटेबल:सीएम बोले- दो साल में सबको कर देंगे ट्रेंड; सीएस हर 15 दिन में करेंगे रिव्यू

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय न्याय संहिता के नए कानून को समय बद्ध तरीके से लागू करने का काम किया जाएगा। इसको लेकर केंद्रीय गृह मंत्री की मौजूदगी में दिल्ली में हुई बैठक में एमपी के काम को सराहा गया है और अन्य राज्यों को इसका अनुसरण करने के लिए कहा गया है। मध्यप्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को सौंपे प्लान में कहा है कि एमपी में दो साल के अंदर नए कानून के आधार पर ट्रेनिंग देने और फील्ड में आने वाली अन्य समस्याओं का समाधान किया जाएगा। मुख्य सचिव हर 15 दिन में इसका रिव्यू करेंगे। दिल्ली में नई कानून व्यवस्था को लेकर हुई बैठक शुक्रवार को दिल्ली में इसको लेकर हुई बैठक के बाद मीडिया से चर्चा में सीएम यादव ने कहा कि, नए कानून प्रबंधन से कम समय में जल्दी न्याय देने के लिए इसका लाभ मिलेगा। एमपी इसे लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में है। जिसने सबसे पहले इसका उपयोग किया है। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे सराहा है और बाकी राज्यों में इसे लागू करने को कहा है। सीएम यादव ने कहा कि बैठक में समय बद्ध कार्यक्रम भी हमने बताया है। जिसके आधार पर एमपी में सारी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। CM बोले- 15 दिन में चीफ सेक्रेटरी रिव्यू करेंगे सीएम यादव ने कहा कि, नई व्यवस्था आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देती है। अभी जेल से अधिकांश बंदियों को लाने ले जाने के लिए पुलिस बल की जरूरत पड़ती थी। इस व्यवस्था से इससे भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि दो साल का समयबद्ध कार्यक्रम एमपी ने दिया है कि कैसे इसे पूरी तरह से लागू करने का काम किया जाएगा। यादव ने कहा कि, हमारी कोशिश होगी कि जल्दी से जल्दी इसे पूरी तरह अंगीकार किया जा सके। इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री शाह को बताया है कि 15 दिन में चीफ सेक्रेटरी इसका रिव्यू करेंगे ताकि जल्दी से जल्दी नीचे के स्तर पर नई व्यवस्था के आधार पर सुधार हो सके। इलेक्ट्रॉनिक साधनों के उपयोग से बचेगा पुलिस का समय सीएम यादव ने कहा कि, नई कानून व्यवस्था से योग्य साक्ष्यों के आधार पर प्रकरणों का निराकरण तेजी से होगा। नए कानून के माध्यम से पुलिस का समय बचेगा। साक्ष्यों के दम पर इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों का उपयोग बढे़गा। एमपी में ट्रेनिंग का जो अभियान चला रहे हैं, उसका फायदा लोगों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा सेक्टर में खासकर मेडिकल सेक्टर में डॉक्टरों को दिक्कत होती थी, उन्हें बैठना पड़ता था, अब वे नई प्रक्रिया के माध्यम से अपनी बात रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक साइंस की भर्ती, पुलिस की ट्रेनिंग का समय बद्ध कार्यक्रम एमपी ने केंद्र को बताया है। इसके पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नए आपराधिक कानून के क्रियान्वयन को लेकर बुलाई गई बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री शाह का पुष्पगुच्छ सौंपकर स्वागत किया।

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