राजधानी के ज्यादातर मोहल्ले को जोड़ने वाली सड़कों की स्थिति बदहाल राजधानी के ज्यादातर मोहल्ले को जोड़ने वाली सड़कों की स्थिति बदहाल है। मरम्मत के अभाव में दिन-ब-दिन सड़क टूटती जा रही है। कई ब्रांच रोड तो ऐसे हैं, जहां मोहल्ला बसने के बाद सड़क ही नहीं बनी है। इस कारण वहां रहने वाले लोग परेशान हैं। मोहल्ले बने 5 वर्ष से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन सड़क बनाने के लिए कभी किसी अधिकारी ने रुचि नहीं दिखाई। मोहल्ले के लोग स्थानीय प्रतिनिधि के मदद से कई बार सड़क बनवाने का प्रयास भी किए। प्रतिनिधि के समक्ष पहुंचकर अपनी पीड़ा बताई। वहां रहने वाले लोगों की परेशानियों को नजदीक से देखा। हालांकि, इसके बावजूद अबतक कुछ नहीं हुआ। जर्जर सड़क पर बारिश में तो निकलना भी मुश्किल हो जाता है। घर से ब्रांच रोड होते हुए मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। दैनिक भास्कर शनिवार को तीन वैसे मोहल्लों की महिलाओं ने अपनी पीड़ा बताई जहां स्थिति काफी खराब है। अक्सर लोग दुर्घटना में होते हैं चोटिल जैचिका सैंड्रा सड़क टूटे एक साल से ज्यादा हो गए हैं मालती देवी मोहल्ले तक पहुंचने की सड़क नहीं कांति देवी रिवर साईड कॉलोनी, हनुमान नगर तेतर टोली, बरियातू अमृत विहार, पाहन टोली वार्ड वार सड़क और नाली का निर्माण कराया जाएगा: जर्जर सड़क पर चलना मुश्किल, वाहन हिचकोले तो पैदल चलने वाले होे रहे घायल हनुमान नगर की मालती देवी कहती हैं कि लालपुर जैसे इलाके में यह मोहल्ले बसा है। मुख्य सड़क पर जाने के लिए एक किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इस मोहल्ले बसे 5 वर्ष से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अबतक रोड नहीं बना है। सड़क पर ही नाली का पानी बहता है। ऐसे में बारिश तो छोड़ दीजिए, सामान्य दिनों में भी चलना मुश्किल होता है। बारिश के मौसम में अक्सर लोग गिरते हैं। चोट लगने से घायल भी होते हैं। बावजूद कोई देखने वाला नहीं है। बरियातू स्थित तेतर टोली की जैचिका सैंड्रा कहती हैं कि मेरे मोहल्ले की सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। जहां-तहां गड्ढे बने हुए हैं। पत्थर बीच सड़क पर बिखरे पड़े हैं। मेरा घर सड़क के किनारे स्थित है। सड़क टूटे हुए पिछले एक साल से ज्यादा का समय हो गए हैं। अक्सर गाड़ियां दुर्घटनाग्रस्त होती हैं। पैदल चलने वाले लोगों को भी गिट्टी छिटक चोटे लगती है। कोई सुिध लेने वाला नहीं है। कब सड़क बनेगा, यह कह पाना मुश्किल है। कांति देवी कहती हैं कि मेरे मोहल्ले (गाड़ीगांव पाहन टोली के अमृत विहार) में 300 से ज्यादा लोग रहते हैं। मोहल्ला बसे 10 वर्ष से ज्यादा हो गए। कोकर-बूटी मोड़ रोड से लोग ब्रांच रोड के रास्ते मोहल्ले तक पहुंचते हैं। मोहल्ले तक आने-जाने के लिए दो किलोमीटर तक ब्रांच रोड में सफर करना पड़ता है। हालांकि, अबतक कभी भी इस रोड नहीं बनाया गया। रोड की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि कार से भी आने-जाने के लिए सोचना पड़ता है। बारिश के मौसम में यहां आने-जाने वाले लोगों का रूह कांप जाता है। महिलाएं ही आज हमारी रिपोर्टर… क्योंकि, मोहल्ले की सड़कों की स्थिति ऐसी है कि इन पर चलना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। न अफसर सुधि लेते हैं और न ही जनप्रतिनिधि। मोहल्ले की सड़कों की स्थिति महिलाओं से बेहतर कोई नहीं जानता। हमारी सड़कें जर्जर क्यों…?


