उत्तर भारत से 12 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली बर्फीली हवा के कारण गुरुवार की रात तापमान में 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही यह सीजन की सबसे ठंडी रातों में शामिल हो गई है। दिन के तापमान में भी 1 डिग्री की कमी आई है। बीते 5 साल के दौरान दिसंबर माह के शुरुआती दिनों में यह सबसे कम न्यूनतम तापमान है। अगले 3 से चार दिन शीतलहर जारी रहने और तापमान में गिरावट का सिलसिला बरकरार रहने की संभावना जताई गई है। शुक्रवार को सुबह से ही तेज रफ्तार से ठंडी हवा चली। दिन के वक्त तेज धूप निकलने के बाद भी लोगों ने ठिठुरन और सर्दी महसूस की। 7 से 12 किलोमीटर की रफ्तार से चल रही ठंडी हवा के कारण धूप से हटते ही लोगों को सर्दी का एहसास हो रहा है। अभी मौसम ऐसा ही बना रहेगा। शीतलहर चलने के कारण तापमान में और गिरावट आ सकती है। 24 घंटे में 4 डिग्री लुढ़का रात का पारा: स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 2 डिग्री कम है। जबकि न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री दर्ज किया गया। यह भी सामान्य से 6 डिग्री कम है। एक दिन पहले गुरुवार को अधिकतम तापमान 25.7 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री दर्ज किया गया था। इस लिहाज से अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान में 3.9 डिग्री की गिरावट आई है। 17 दिसंबर तक शीतलहर चलने के आसार मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमोत्तर भारत के ऊपर मध्य समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 296 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से सब ट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम हवा बह रही है। इसके काफी प्रभावी होने के कारण पश्चिमी विक्षोभ का मौसम पर असर नहीं हो रहा है। हवा काफी ठंडी होने के कारण एकदम से तापमान में गिरावट आई है। 17 दिसंबर तक शीतलहर जारी रहने का अनुमान है। इससे सर्दी और बढ़ने की संभावना है।


