जैसलमेर जिले में बीते कुछ दिनों की राहत के बाद सर्दी के तेवर एक बार फिर तल्ख हो गए हैं। चटख धूप के गायब होते ही कड़ाके की ठंड ने वापसी की है। सुबह के समय छा रहे हल्के कोहरे और दिन भर चलने वाली सर्द हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव के अनुसार, वर्तमान में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसका हल्का असर देखा जा रहा है। लेकिन 22 जनवरी से एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। 22 और 23 जनवरी को जैसलमेर सहित जोधपुर और बीकानेर संभाग में बादल गरजने और बिजली चमकने के साथ रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान होने वाली ‘मावठ’ किसानों के लिए खुशहाली लेकर आएगी। यह बारिश विशेषकर गेहूं, चना और जीरे की फसलों के लिए अमृत समान मानी जा रही है। बादलों की लुकाछिपी और बढ़ी ठिठुरन पिछले दो दिनों से जिले के आसमान में बादलों की आवाजाही जारी है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से धूप का असर कमजोर पड़ा है, जिससे दिन में भी ठिठुरन महसूस की जा रही है। शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में रात का पारा गिरने से ठंड का असर और तेज हो गया है। हालांकि, मंगलवार सुबह धूप खिलने से लोगों को सर्दी से मामूली राहत जरूर मिली, लेकिन सर्द हवाओं का दौर अब भी जारी है। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 25.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान गिरकर 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 22 जनवरी से बदलेगा सिस्टम: गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव के अनुसार, वर्तमान में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसका हल्का असर देखा जा रहा है। लेकिन 22 जनवरी से एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से 22 और 23 जनवरी को जैसलमेर सहित जोधपुर और बीकानेर संभाग में बादल गरजने और बिजली चमकने के साथ रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान होने वाली ‘मावठ’ किसानों के लिए खुशहाली लेकर आएगी। यह बारिश विशेषकर गेहूं, चना और जीरे की फसलों के लिए अमृत समान मानी जा रही है। किसान रहें तैयार कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दो दिनों में बारिश होती है, तो फसलों की पैदावार में अच्छी बढ़ोतरी होगी। हालांकि, मौसम विभाग ने अचानक होने वाले तापमान में बदलाव और बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।


