जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद ने गुरुवार को मुरादाबाद में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा- सऊदी अरब में जाकर काबा की खुदाई की जाए, तो उसके नीचे भी मंदिर ही मिलेगा। आरएसएस प्रमुख को लेकर उन्होंने कहा, मोहन भागवत भगवान नहीं हैं। सनातन धर्म के धर्मगुरु और हर एक सनातनी यही चाहता है कि सनातन धर्म के जितने भी मंदिर हैं, वो आजाद कराए जाएं। उनका जीर्णोद्धार हो। गाजियाबाद से मुरादाबाद जा रहे यति नरसिंहानंद को पुलिस ने जिले के बॉर्डर पर 1 बजे डिटेन किया। वह करीब डेढ़ घंटे हिरासत में रहे। नरसिंहानंद गिरी संभल हरिहर मंदिर समेत कुछ अन्य मुद्दों पर मुरादाबाद में प्रेस वार्ता करने वाले थे। पुलिस ने उन्हें बॉर्डर पर ही रोक लिया। नरसिंहानंद को SHO के कमरे में बैठाकर रखा
नरसिंहानंद को पुलिस अपने साथ पाकबड़ा थाने ले गई है। यहां एसपी सिटी रण विजय सिंह ने यति नरसिंहानंद से कहा कि उन्होंने कार्यक्रम की पूर्व अनुमति जिला प्रशासन से नहीं ली है। इसलिए उन्हें मुरादाबाद में कार्यक्रम नहीं करने दिया जाएगा। पुलिस ने नरसिंहानंद को थाने में SHO के कमरे में बैठाकर रखा। दोपहर ढाई बजे यति नरसिंहानंद इस बात पर सहमत हो गए कि वो मुरादाबाद नहीं जाएंगे। इसके बाद उन्हें थाने से रिहा कर दिया गया। एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि नरसिंहानंद को कार्यक्रम की परमिशन नहीं होने की वजह से रोका गया था। उन्हें थाने ले जाया गया। समझाया गया तो वो वापस गाजियाबाद जाने के लिए मान गए हैं। इसलिए उन्हें वापस भेजा जा रहा है। हमारे मंदिर हमें वापस क्यों न मिलें?
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि हिंदुओं को हर मस्जिद के नीचे मंदिर की खोज बंद कर देनी चाहिए। मुरादाबाद पुलिस की हिरासत से रिहा होने के बाद यति नरसिंहानंद ने कहा- भागवत क्या कहते हैं, उससे हमें मतलब नहीं है। इसके बारे में उनसे ही पूछिए। हर जगह हमारे मंदिर हैं। हमारे ये मंदिर हमें वापस मिलने चाहिए। क्यों नहीं मिलने चाहिए? अब पढ़िए यति नरसिंहानंद की पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी
गाजियाबाद के लोहियानगर हिन्दी भवन में अमर बलिदानी मेजर आशाराम त्यागी सेवा संस्थान के बैनर तले 29 सितंबर को एक कार्यक्रम हुआ। इसमें श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि भी पहुंचे। यहां नरसिंहानंद ने कहा- मेघनाथ और कुंभकरण को हम हर साल जलाते हैं। उनकी गलती ये थी कि रावण ने एक छोटा-सा अपराध किया। अगर आज जलाना है तो मोहम्मद के पुतले जलाइए। इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि के खिलाफ प्रदर्शन हुए। मुस्लिम तंजीमें उनकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़ी रहीं। बुलंदशहर में विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव हुआ। गाजियाबाद में सैकड़ों मुस्लिमों ने डासना देवी मंदिर के बाहर प्रोटेस्ट किया। उनके खिलाफ कई FIR दर्ज की गई। दीपक त्यागी से यति नरसिंहानंद तक का सफर
यति नरसिंहानंद मेरठ जिले में पैदा हुए। साधारण परिवार में कुल पांच भाई-बहन थे। पिता सरकारी नौकरी में थे। जन्म के बाद दीपक त्यागी के तौर पर उनकी पहली पहचान बनी। दीपक त्यागी 1989 में भारत से रूस चले गए। वहां मास्को के इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग से केमिकल टेक्नोलॉजी का कोर्स किया। 1994 में वहां से ग्रेजुएट करने के बाद रूस की राजधानी और लंदन समेत कई देशों में काम किया। 1997 में मां बीमार पड़ी तो भारत वापस आना पड़ा। फिर आया साल 2007, जब वह गाजियाबाद के डासना मंदिर में पुजारी बन गए। संन्यास लेते समय दीपक त्यागी से नाम बदलकर दीपेंद्र नारायण सिंह कर लिया। एक बार फिर नाम बदला और यति नरसिंहानंद बन गए। ————————— ये भी पढ़ें… भाजपा विधायक पर फायरिंग, बाल-बाल बचे:पत्नी संग वॉक पर निकले थे; लखीमपुर में घर से 100 मीटर दूर वारदात लखीमपुर खीरी में भाजपा विधायक सौरभ सिंह ‘सोनू’ पर फायरिंग हुई है। वह बाल-बाल बच गए। वारदात उस वक्त हुई, जब बुधवार रात विधायक पत्नी के साथ वॉक पर निकले थे। घटना के बाद आरोपी फायरिंग करते हुए फरार हो गए।। पढ़ें पूरी खबर…


