यमुनानगर के उद्योगपति से ₹1.12 करोड़ की ठगी:मुंबई के कारोबारियों पर माल हड़पने और धमकी देने का आरोप, पिता-पुत्र नामजद

यमुनानगर से एक बड़ा कारोबारी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां प्लाई बोर्ड उद्योग से जुड़े Oberoi Wood Industries के पार्टनर अनिल ओबराय ने मुंबई की एक कंटेनर सर्विस कंपनी और उसके संचालकों पर ₹1 करोड़ से अधिक की ठगी, अमानत में रखे माल को फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरी कंपनी में ट्रांसफर करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, वर्षों तक चले कारोबारी लेन-देन के बाद आरोपियों ने न तो बकाया भुगतान किया और न ही तय समझौते के बावजूद माल वापस किया। यमुनानगर सिटी थाना पुलिस ने उद्योगपति की शिकायत पर सुनील किशन खन्ना उसके बेटे जतिन खन्ना उर्फ जगदीश निवासी बेलापुर नवीं मुंबई, थाने महाराष्ट्र के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। 2019 में आरोपियों ने किया संपर्क शिकायतकर्ता प्रोफेसर कॉलोनी निवासी अनिल ओबराय, जो कि Oberoi Wood Industries, इंडस्ट्रियल एरिया यमुनानगर के पार्टनर हैं, ने बताया कि वे प्लाई बोर्ड, शटरिंग प्लाई और कंटेनर फ्लोर बोर्ड का निर्माण व सप्लाई करते हैं। वर्ष 2019 में आरोपियों निवासी बेलापुर नवीं मुंबई, थाने महाराष्ट्र सुनील किशन खन्ना और कौशल्या खन्ना, जो कि M/s Kishan Marine Services LLP के पार्टनर हैं, ने उनसे संपर्क किया। उनके साथ उनका बेटा जतिन खन्ना उर्फ जगदीश भी था, जिन्होंने खुद को बड़े स्तर का कंटेनर रिपेयर व्यवसायी बताते हुए पूरे भारत में कारोबार फैला होने का दावा किया। 90 दिन में भुगतान का किया दावा शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें भरोसे में लेकर कहा कि वे कंटेनर फ्लोर बोर्ड की नियमित खरीद करेंगे और सप्लाई किए गए माल का भुगतान 90 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा। खुद को ईमानदार और प्रतिष्ठित कारोबारी बताकर आरोपियों ने शिकायतकर्ता को अपने जाल में फंसा लिया। इस भरोसे के आधार पर शिकायतकर्ता ने वर्ष 2021 से आरोपियों को माल सप्लाई करना शुरू कर दिया। शुरुआत में आरोपियों ने समय पर भुगतान किया, लेकिन कुछ समय बाद ही आरोपियों ने भुगतान में टाल-मटोल शुरू कर दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने आखिरी बार 26 नवंबर 2022 को M/s Kishan Marine Services LLP को माल सप्लाई किया था, जिसका भुगतान 90 दिन में किया जाना था, लेकिन आरोपियों ने पूरा भुगतान नहीं किया। रकम के बदले माल वापिस उठाने का रखा प्रस्ताव शिकायतकर्ता के अनुसार, लगातार मांग करने पर आरोपी कभी बहाने बनाते रहे तो कभी थोड़ी-थोड़ी रकम डालकर मामला टालते रहे। इस तरह करते-करते आरोपियों पर शिकायतकर्ता के ₹1,12,07,566 (एक करोड़ बारह लाख सात हजार पांच सौ छियासठ रुपए) बकाया हो गए। इसके बाद फरवरी 2025 में शिकायतकर्ता ने फिर से अपने बकाया भुगतान की मांग की। इस पर आरोपियों ने रकम के बदले वह माल वापस लेने का प्रस्ताव दिया। शिकायतकर्ता इस पर सहमत हो गए। दोनों पक्षों में यह तय हुआ कि जब तक वह फैक्ट्री में जगह का इंतजाम नहीं कर लेते, तब तक वह माल आरोपियों के पास अमानत के तौर पर रहेगा। CA से संपर्क किया तो की टालमटोल शिकायतकर्ता ने बताया कि माल की मात्रा इतनी अधिक थी कि उसे लाने के लिए 8–9 ट्रकों की जरूरत थी। फैक्ट्री में जगह का इंतजाम करने के बाद जब उन्होंने आरोपियों से माल लौटाने को कहा, तो आरोपियों ने यह कहकर टाल दिया कि वे व्यवसाय के सिलसिले में व्यस्त हैं और बाद में खुद फोन करके बुलाएंगे। आगे चलकर आरोपियों ने कहा कि उनके परिवार की महिला सदस्य कामना खन्ना (पत्नी जतिन खन्ना), जो कि चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उनके कारोबार को संभालती हैं, ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था कर माल यमुनानगर भिजवा देंगी। लेकिन जब शिकायतकर्ता ने कामना खन्ना से संपर्क किया, तो उन्होंने भी हर बार स्पष्ट जवाब देने से इनकार किया। नई कंपनी बनाकर उसमें ट्रांसफर कर दिया माल शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि बाद में उसे जानकारी मिली कि आरोपियों ने आपस में साजिश कर एक नई कंपनी KMS Mondialle Pvt. Ltd. बना ली है। आरोप है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता के माल के फर्जी और जाली दस्तावेज तैयार कर उस माल को नई कंपनी में ट्रांसफर कर दिया, जबकि वह माल शिकायतकर्ता की अमानत था। जब शिकायतकर्ता ने इस धोखाधड़ी पर सवाल उठाया, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें धमकाया। जतिन खन्ना उर्फ जगदीश ने कहा कि उन्होंने कई बड़े कारोबारियों के पैसे दबा रखे हैं और शिकायतकर्ता उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। आरोप है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी दी और साफ कहा कि न तो पैसा देंगे और न ही माल वापस करेंगे।

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