भीलवाड़ा में फोन पर गालियां दे रहे भतीजे से गुस्साए चचेरे चाचा और उसके परिजनों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया था। चाचा को लगा था कि भतीजा उसे गालियां दे रहा है। ऐसे में परिवार समेत हमला कर दिया। 3 दिन चले इलाज बाद भतीजे की उदयपुर में मौत हो गई। शनिवार को उसका शव लाया गया तो भारी पुलिस के जाब्ते के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। तनाव की स्थिति को देखते हुए 3 थानों, कोतवाली, भीमगंज और गांधी नगर थाने का जाब्ता लगाया गया था। जाब्ते के साथ ही अंतिम यात्रा निकाली गई। इस दौरान परिजन और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर इकठ्ठा रही। मामला भीलवाड़ा के कोतवाली थाना इलाके के ओड़ो का खेड़ा का शनिवार का है। कोतवाली थाने के SHO शिवराज गुर्जर ने बताया- चाचा रतन से हुए विवाद में महेंद्र की इलाज के दौरान शनिवार को उदयपुर में मौत हो गई। वहीं उसके भाई राहुल का इलाज जारी है। मामले में पेमाराम (68) पुत्र हरलाल ओड, प्रकाश (31) पुत्र पेमाराम, रतन (42) पुत्र पेमाराम, शायरी (40) पत्नी रतन, विनोद (19) पुत्र रतन और प्रकाशी (40) पत्नी उदय को अरेस्ट किया है। पहले देखिए अंतिम संस्कार की तस्वीरें… अब 3 पॉइंट्स में समझिए पूरा मामला 1. अलग दुकान की तो विवाद बढ़ा शिवराज गुर्जर ने बताया- महेंद्र अपने चाचा रतन के यहां साइकिल पंचर बनाने की दुकान पर काम करता था। महेंद्र ने कुछ समय पहले ही दूसरी दुकान कर ली थी। ऐसे में, चाचा से उसकी बोलचाल बंद थी। मंगलवार की रात महेंद्र अपने घर के बाहर फोन पर किसी से बात कर रहा था। 2. चाचा को लगा उसे गाली दे रहा है शिवराज गुर्जर ने बताया- इस दौरान महेंद्र ने फोन पर ही किसी से गाली-गलौज की। उसके चाचा रतन को लगा कि वो फोन पर बात करने के बहाने उसे गालियां दे रहा है। इस बात पर दोनों के बीच में मारपीट हो गई। इसके बाद रतन पक्ष और महेंद्र पक्ष के लोग आमने-सामने हो गए थे। मारपीट में गंभीर रूप से घायल महेंद्र को इलाज के लिए शहर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं उसका भाई राहुल भी घायल हुआ था। 3. पुलिस की मौजूदगी में निकली अंतिम यात्रा जहां शुक्रवार को उसे उदयपुर रेफर किया गया था। उसकी मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल हो गया। बड़ी संख्या में लोग घर के बाहर इकट्ठा हो गए। ऐसे में, शव भीलवाड़ा लाया गया तो बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता महेंद्र के घर पहुंचा। परिवार और समाज के लोगों से पुलिस ने समझाइश की। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया।


