यूएसएसएफ ने खनौरी और शंभू बॉर्डर पर सरकार और पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ मार्च निकाला

भास्कर न्यूज | अमृतसर सिख छात्र संगठन यूनाइटेड सिख स्टूडेंट फेडरेशन ने खनौरी और शंभू सीमाओं पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पंजाब सरकार और पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। संगठन ने इसे तानाशाही करार दिया। उन्होंने कहा कि इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष जुगराज सिंह मझैल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जीएनडीयू कैंपस गुरुद्वारा से मुख्य गेट तक रोष मार्च निकाला।
भगवा झंडे और पोस्टर लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जुगराज सिंह मझैल ने कहा कि सरकार पंजाब को पुलिस राज्य बनाना चाहती है। पुलिस ने सरकार के तानाशाही रवैये का पालन करते हुए किसानों के विरोध मार्च को जबरन खत्म कराया। यह पंजाब और सिख विरोधी रुख दर्शाता है। यह पंजाब और केंद्र सरकार की मिलीभगत का नतीजा है। किसानों को गिरफ्तार कर अज्ञात स्थान पर ले जाकर उनका मनोबल तोड़ने की कोशिश नाकाम होगी। उन्होंने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों से अपील की कि वे इसके खिलाफ आवाज उठाएं और फेडरेशन में शामिल हों। इस मौके पर अनमोल सिंह, नवेतज सिंह, मनमोहन सिंह, हरसिमरनजीत सिंह, अंकुश, रोहित ब्राह्मण, विशाल समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। अमृतसर| शंभू खनौरी में 13 महीनों से शांतिपूर्ण धरना दे रहे किसान नेताओं को केंद्र और पंजाब सरकार ने सातवें दौर की बातचीत के बाद चंडीगढ़ सीमा पर गिरफ्तार कर लिया। धरना दे रहे किसानों को तितर-बितर करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इसके विरोध में बीकेयू एकता-उगराहां ने अजनाला रोड पर पंजाब सरकार का पुतला फूंका। संगठन के जिला अध्यक्ष कश्मीर सिंह धंगई और प्रेस सचिव बघेल सिंह कोटमुगल ने सरकार की कार्रवाई को किसानों के प्रति दुश्मनी करार दिया। उन्होंने कहा कि शंभू बॉर्डर पर किसानों को लाठी-डंडों के बल पर भगाने की साजिश रची जा रही है। दमनकारी हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ मोर्चे के दौरान सैकड़ों एसकेएम नेताओं की गिरफ्तारी और अब यह हमला सरकार की कॉर्पोरेट नीतियों का हिस्सा है। मोदी सरकार का अमेरिका और अन्य साम्राज्यवादी शक्तियों के साथ व्यापार समझौता इसका प्रमाण है। किसान नेताओं ने गिरफ्तार नेताओं की रिहाई की मांग की। उन्होंने किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों से संयुक्त संघर्ष में शामिल होने का आह्वान किया। इस मौके पर परगट सिंह धर्मकोट, जसपाल सिंह धंगाई, डॉ. परमिंदर सिंह पंडोरी, बाबा जगजीवन सिंह तलवंडी आदि मौजूद थे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *