यूजीसी से जुड़े प्रावधानों एवं एससी-एसटी एक्ट 2019 के विरोध में समता आंदोलन समिति ने व्यापक आंदोलन करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में समिति की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक में संगठन की आगामी रणनीति और आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष पाराशर नारायण शर्मा ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि समिति यूजीसी से संबंधित प्रावधानों और एससी-एसटी एक्ट 2019 के कुछ बिंदुओं को लेकर असहमति जता रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रावधानों का प्रभाव सामान्य वर्ग के हितों पर पड़ रहा है, जिससे व्यापक असंतोष की स्थिति हो रही है। बैठक के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने कानूनों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि वर्तमान व्यवस्था में संतुलन और समान अवसर सुनिश्चित करने की जरूरत है। उन्होंने सरकार से मांग की कि संबंधित प्रावधानों की समीक्षा कर सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए संशोधन किए जाएं। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया गया कि इन मुद्दों के विरोध में आंदोलन को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इसके तहत प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा, ज्ञापन सौंपे जाएंगे और विभिन्न सामाजिक संगठनों से संवाद स्थापित किया जाएगा। समिति ने यह भी तय किया कि आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि व्यापक स्तर पर अपनी बात सरकार और प्रशासन तक पहुंचाई जा सके। बैठक के बाद समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने महावीर नगर क्षेत्र में आक्रोश रैली निकाली। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए यूजीसी सहित अन्य संबंधित कानूनों के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की।


