दिल्ली में AI समिट में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने के आरोप में 3 यूथ कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर बुधवार को हिमाचल और दिल्ली पुलिस में टकराव हो गया। दिल्ली पुलिस ने शिमला के एक होटल से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के 3 नेताओं को गिरफ्तार किया, लेकिन हिमाचल पुलिस ने उन्हें आधे रास्ते में रोक लिया और दिल्ली नहीं ले जाने दिया। हिमाचल पुलिस का तर्क था कि इस बारे में दिल्ली पुलिस ने कोई औपचारिक सूचना नहीं दी। हिमाचल में सादे कपड़ों में आकर मेहमानों को उठाया गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी दोनों पुलिस में बहस होती रही। इसके बाद जज ने फाइल तैयार करने को कहा तो दिल्ली पुलिस फिर बिना कागजी कार्रवाई के तीनों नेताओं को ले गई। इसका पता चलते ही हिमाचल पुलिस ने फिर उन्हें रोक लिया। इसके बाद तीनों नेताओं को कोर्ट में पेश कर दिल्ली पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड लिया। करीब 18 घंटे तक दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच ड्रामा चलता रहा। फिर गुरुवार सुबह करीब पौने 6 बजे दिल्ली पुलिस तीनों नेताओं को लेकर चली गई। दरअसल, 20 फरवरी को इंडियन यूथ कांग्रेस के 11 सदस्यों ने भारत मंडपम में घुसकर AI समिट के दौरान शर्टलैस होकर PM मोदी की फोटो वाली टी-शर्ट लहराई थी। इस दौरान पीएम मोदी कॉम्प्रोमाइज्ड के नारे लगाए थे। सीएम के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तारी से पहले प्रोटोकॉल को फॉलो नहीं किया। गिरफ्तारी का कोई वारंट नहीं दिखाया और किचन के रास्ते पुलिस रिसॉर्ट में घुसी। यह कार्रवाई सरासर गलत है। उधर, इस मामले को लेकर आज दोपहर बाद बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मिलने पहुंचा। बीजेपी ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश सरकार पर गंभीर संवैधानिक उल्लंघन के आरोप लगाए। विपक्ष ने पूरे घटनाक्रम व मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका की जांच, दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला… दिल्ली पुलिस सिविल वर्दी में पहुंची, होटल से 3 नेता अरेस्ट किए दिल्ली पुलिस के 18 कर्मचारियों की टीम सिविल वर्दी में बुधवार, 25 फरवरी सुबह 3 गाड़ियों में सवार होकर शिमला से लगभग 120 किलोमीटर दूर रोहड़ू के चिड़गांव पहुंची। दिल्ली पुलिस को इनपुट था कि AI समिट में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने वाले मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के रहने वाले यूथ कांग्रेस के 3 नेता रोहड़ू के चांशल होटल में ठहरे हैं। जिनके नाम अरबाज, सौरव और सिद्धार्थ हैं। दिल्ली पुलिस ने यहां आकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। सबूत के लिए होटल से सीसीटीवी की डीवीआर और रजिस्टर भी कब्जे में लिया। हिमाचल पुलिस ने 3 जगह नाका लगाकर रोका, नेताओं को छुड़ाया दिल्ली पुलिस तीनों को गिरफ्तार कर ले जाने लगी, तभी हिमाचल पुलिस को इसकी भनक लगी कि उन्हें सूचना दिए बगैर पूरी कार्रवाई की जा रही है। हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस को रोकने के लिए शिमला बस स्टैंड, शोघी और सोलन के धर्मपुर में नाकाबंदी कर दी। इसके बाद एक गाड़ी बस स्टैंड शिमला, दूसरी शोघी और 2 गाड़ियां सोलन के धर्मपुर में रोक दी गईं। हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस के गिरफ्तार किए यूथ कांग्रेस के तीनों नेताओं को छुड़ाकर अपनी कस्टडी में ले लिया और शिमला में चक्कर कोर्ट लेकर पहुंच गई। कोर्ट में चली बहस, हिमाचल पुलिस बोली- प्रॉपर इन्फॉर्मेशन नहीं दी हिमाचल पुलिस के पीछे-पीछे दिल्ली पुलिस की टीम भी शिमला की चक्कर कोर्ट पहुंच गई। बुधवार शाम पौने 5 बजे उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और 6 बजे तक सुनवाई चलती रही। सुनवाई के दौरान हिमाचल पुलिस ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली पुलिस ने स्टेट पुलिस को सूचना दिए बगैर यह पूरी कार्रवाई की। प्रॉपर इन्फॉर्मेशन न होने की वजह से दिल्ली पुलिस को रोका गया। दोनों पुलिस के बीच कोर्ट में बहस होती रही। इस पर कोर्ट ने इस मामले की पूरी फाइल तैयार करने को कहा। बिना कोर्ट के आदेश के दिल्ली पुलिस फिर ले गई, हिमाचल पुलिस ने फिर रोके इसके बाद हिमाचल पुलिस के सीनियर अधिकारी लौट गए। फिर वहां जिला कोर्ट में ही दिल्ली और हिमाचल पुलिस में बातचीत चलती रही। इसके बाद बुधवार शाम करीब 7.25 बजे गिरफ्तार यूथ कांग्रेस वर्करों को दिल्ली पुलिस फिर अपने साथ ले गई। दिल्ली पुलिस शिमला से रवाना हो गई। इसके बाद फिर अचानक शिमला के शोघी के पास दिल्ली पुलिस को रोक दिया गया। इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस में बहस और बढ़ गई। हिमाचल पुलिस बोली- वैध दस्तावेज नहीं, FIR की चेतावनी दी हिमाचल पुलिस का कहना था कि दिल्ली पुलिस के पास उनके एरिया से गिरफ्तारी कर ले जाने का कोई वैध दस्तावेज नहीं है। अगर वह कोर्ट के आदेश पर ले जा रहे हैं तो उनके पास ट्रांजिट रिमांड होना चाहिए। इस वजह से वहां देर रात तक बहस चली। हिमाचल पुलिस ने चेतावनी दी कि अगर वह जबरन ले जाने की कोशिश करेंगे तो दिल्ली पुलिस पर FIR दर्ज कर दी जाएगी। इसके बाद हिमाचल पुलिस ने तीनों नेताओं को दिल्ली पुलिस की कस्टडी से अपनी हिरासत में ले लिया। इस दौरान दिल्ली पुलिस के एसीपी राहुल विक्रम ने कहा कि ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपियों को दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन शिमला पुलिस कार्रवाई में बाधा डाल रही है। हालांकि हिमाचल पुलिस का कहना था कि इनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं। तीनों का मेडिकल कराया, कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया, दिल्ली ले गए इसके बाद बुधवार रात 11.30 बजे हिमाचल पुलिस गिरफ्तार कांग्रेस नेताओं को मेडिकल कराने के लिए शिमला के रिपन अस्पताल लेकर पहुंची। यहां उनका मेडिकल कराया गया। बुधवार रात 2 बजे यूथ कांग्रेस के एडवोकेट ने गिरफ्तार नेताओं से बात की। इसके बाद इन्हें चक्कर कोर्ट के CJM के घर पर पेश किया गया। जहां से उनका ट्रांजिट रिमांड लिया गया। फिर गुरुवार सुबह 5.45 बजे दिल्ली पुलिस तीनों नेताओं को लेकर दिल्ली रवाना हो गए। दिल्ली पुलिस की जांच में क्या निकला दिल्ली पुलिस के सोर्सेज के मुताबिक जिन 3 नेताओं, अरबाज, सौरव और सिद्धार्थ होटल से गिरफ्तार किया गया, उन्हें लोकल कांग्रेसी नेता ने होटल में कमरा दिलाया था। ये तीनों 24 फरवरी से यहां पर गिरफ्तारी से बचने के लिए छुपे हुए थे। हालांकि कमरा किसके नाम पर बुक कराया गया था, इसके बारे में होटल के कागजात खंगाले जा रहे हैं। पुलिस CCTV फुटेज के जरिए यह भी पता लगा रही है कि उनसे मिलने कौन-कौन से नेता आया था। इसके अलावा ये भी पता किया जा रहा है कि यह होटल किसका है। शिमला SSP बोले- सूचना नहीं दी, रिजॉर्ट मालिक की कंप्लेंट पर केस दर्ज किया इस मामले में शिमला के SSP गौरव सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह शिमला पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि 15 से 20 अज्ञात लोग सादे कपड़ों में गाड़ी में सवार होकर आए। वे चिरगांव के माण्डली के एक रिसोर्ट में ठहरे तीन मेहमानों को जबरन उठाकर ले गए। उन मेहमानों की एक गाड़ी थार को भी अपने साथ ले गए। इसके अतिरिक्त शिकायतकर्ता के चांशल रिजार्ट में लगे CCTV कैमरों का DVR भी बिना रिसीव दिए अपने साथ ले गए। इसे लेकर रिसोर्ट मालिक की शिकायत पर चिड़गांव में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसके बाद उन्हें रोका गया। लोकल पुलिस को सूचना अनिवार्य- एडवोकेट हिमाचल हाईकोर्ट के एडवोकेट पवन शर्मा ने बताया कि जब दूसरे राज्यों की पुलिस किसी दूसरे प्रदेश में इस प्रकार की दबिश देती है, तो लोकल पुलिस को सूचना अनिवार्य होती है। उन्होंने बताया कि यदि रोहड़ू में कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के वक्त दिल्ली पुलिस पर हमला हो जाता तो यह राज्य की जिम्मेदारी होती। इसलिए, सुरक्षा की दृष्टि से सूचना होनी चाहिए। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर दर्ज FIR को भी इसी वजह से वैध बताया। AI समिट से जुड़ा पूरा विवाद क्या है? दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 20 फरवरी को AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ के नारे लगाए। टी-शर्ट पर PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी है। उस पर लिखा था- PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड। दिल्ली पुलिस ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है, जिनमें आपराधिक साजिश, पब्लिक सर्वेंट को चोट पहुंचाना, उन पर हमला करना और काम में बाधा डालना सहित कई गंभीर आरोप शामिल हैं। नेता प्रतिपक्ष बोले- देवभूमि को अपराधियों की शरणस्थली न बनाएं हिमाचल पुलिस द्वारा दिल्ली पुलिस को रोके जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सीएम और हिमाचल पुलिस बहुत बड़ी गलती कर चुकी है। हिमाचल देवभूमि है। इसे अपराधियों की शरणस्थली न बनाएं। अंतरराष्ट्रीय स्तर के मंच पर यूथ कांग्रेस के लोगों ने देशद्रोह जैसा काम किया था। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएम सुक्खू राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को शरण दे रहे हैं। ……………………. यह खबर भी पढ़ें… भाजपा ने राहुल की तुलना उमर खालिद से की, दिल्ली में पोस्टर लगे, लिखा- अराजकता का तरीका एक, बस देश विरोधी चेहरे बदलते रहते दिल्ली में एआई समिट में हुए हंगामे पर भाजपा ने एक बार फिर राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया। भाजपा ने राहुल गांधी की तुलना 2020 दंगे के आरोपी उमर खालिद से करते हुए दिल्ली भाजपा ऑफिस के बाहर एक पोस्टर लगाया। जिसमें लिखा कि अराजकता का तरीका एक, बस देश विरोधी चेहरे बदलते रहते हैं। पूरी खबर पढ़ें…


