पाकिस्तानी आईएसआई और खालिस्तानी आतंकी लगातार पंजाब में माहौल खराब करने के प्रयास कर रहे हैं। पुलिस-बीएसएफ की कार्रवाई के बावजूद पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए चल रही हथियार-नशे की सप्लाई रुक नहीं रही है। एसएसओसी की टीम ने लगातार दूसरे दिन कार्रवाई करते हुए मेटैलिक केस में पैक रिमोट कंट्रोल से संचालित ढाई किलो एक आईईडी और एक पिस्तौल समेत यूपी के रहने वाले युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान शुभम कुमार उर्फ शुभम श्रीवास्तव निवासी गांव सरोसा, जिला सीतापुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। यह कार्रवाई मंगलवार रात 12 बजे की गई है। आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश कर 6 दिन का रिमांड हासिल किया गया। एसएसआेसी की टीम ने सोमवार को भी ढाई किलो आईईडी के साथ ईस्ट मोहन नगर के रहने वाले राहुल कुमार उर्फ गज्जू को काबू किया था। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि बरामद आईईडी का इस्तेमाल पंजाब और दिल्ली सहित कई राज्यों में टारगेट हमलों के लिए किया जाना था। मामले की जांच जारी है। {शेष पेज 3 पर ढाई किलो आरडीएक्स से 20 मीटर दायरा होता है प्रभावित ढाई किलो आरडीएक्स इतना तेज धमाका कर सकता है कि पास खड़े लोगों को जानलेवा चोटें लग सकती हैं। 15 से 20 मीटर के दायरे में लोगों की जान भी जा सकती है। 30-35 मीटर तक गंभीर चोटें आ सकती हैं। अगर धमाका बंद जगह जैसे कमरे, गाड़ी, भीड़भाड़ वाले बाजार में हो तो नुकसान की संभावना बढ़ जाती है। अगर बम में लोहे के टुकड़े या छर्रे भरे हों, तो दूर तक घातक चोटें लग सकती हैं। यानी ऐसी मात्रा का विस्फोट भीड़भाड़ वाले इलाके में बेहद जानलेवा साबित हो सकता है। आईईडी यानी देसी तरीके से बनाया गया बम होता है। इसे अलग-अलग सामान जोड़कर तैयार किया जाता है। पाकिस्तान के चौधरी से संपर्क में था आरोपी पाकिस्तान के रहने वाले जसवीर चौधरी के साथ सोशल मीडिया ऐप के जरिए संपर्क में था। जसवीर चौधरी ने एक लाख रुपए देने का झांसा देते हुए शुभम को स्पेशल यूपी से अमृतसर बुलाया था। मोबाइल पर अजनाला के जजा मोड़ के पास का लोकेशन भेजा था। जहां से आरोपी आईईडी, पिस्तौल आैर रिमोट बरामद कर तारांवाला पुल अमृतसर-जालंधर जीटी रोड पास स्थित दरगाह के पास सुनसान इलाके में खड़ा था। जजा से जीटी रोड तक खेप लाने में आरोपी शुभम की मदद एक अज्ञात साथी ने की थी। {शेष पेज 3 पर गुरप्रीत सिंह, रिटायर्ड एसपी


