कुंभ मेले और मिल्कीपुर उप चुनाव की व्यस्तता के बीच सीएम योगी ने शुक्रवार शाम अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पुलिस अकादमी को लेटर लिख कर कहा गया है कि आईपीएस की ट्रेनिंग ले रहे अफसर महाकुंभ आएं और क्राउड मैनेजमेंट सीखें। यूपी सरकार के यंग ऑफिसर्स को भी 15-15 दिन की ड्यूटी पर महाकुंभ में तैनात किया गया है, ताकि वो क्राउड मैनेजमेंट के लिये तैयार हो सकें। क्योंकि ऐसी ट्रेनिंग उन्हें आसानी से कहीं और नहीं मिलेगी। राहुल-प्रियंका के महाकुंभ में आने के सवाल पर योगी ने कहा- जिसकी श्रद्धा हो आए, हम स्वागत के लिए तैयार हैं। अखिलेश के गंगा स्नान पर कहा- अच्छा है, सबको करना चाहिए। महाकुंभ से यूपी में दो लाख करोड़ से ज्यादा का टर्नओवर होगा
सीएम योगी का मानना है कि एक व्यक्ति जब महाकुंभ आएगा, तो कम से कम अयोध्या, चित्रकूट, काशी और लखनऊ भी जाएगा। इन सब वह कम से कम 5 हजार रुपए खर्च करेगा। 40 करोड़ लोग 5-5 हजार खर्च करेंगे, तो 2 लाख करोड़ से ज्यादा का कारोबार होगा। उन्होंने कहा- हमने 3700 एआई बेस्ड कैमरा लगाए हैं, जो लोगों की वास्तविक गणना कर रहे हैं। CM ने कहा मौनी अमावस्या पर 10 करोड़ और बसंत पंचमी पर उससे भी ज्यादा लोग प्रयागराज आएंगे। इसके लिए प्रशासन तैयार है। काशी-अयोध्या में भी महाकुंभ की वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। मकर संक्रांति पर अयोध्या में 15 लाख लोगों ने रामलला के दर्शन किए, लेकिन कोई अव्यवस्था नहीं हुई। 2013 के महाकुंभ में सरकार की तरफ से नाममात्र की व्यस्था थी
उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद 23 जनवरी को 5 लाख लोग अयोध्या पहुंचे थे, तो वहां स्थिति अनियंत्रित हो गई थी। तब मुझे खुद स्थिति संभालने के लिए अयोध्या जाना पड़ा था, लेकिन अब हमारे इंतजाम पर्याप्त हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में खासकर 2013 में ही जब महाकुंभ हुआ, तो श्रद्धालुओं के लिए सरकार की तरफ से नाममात्र की व्यस्था होती थी। श्रद्धालु परेशान होते थे। लेकिन, इस बार सरकार ने पूरा इंतजाम किया है। 2013 में जब मॉरीशस के प्रधानमंत्री आए, तो उन्होंने गंदगी देखी। लेकिन 2019 में आए, तो उन्हें महाकुंभ बिल्कुल साफ नजर आया। वो खुश दिखे। जो श्रमिक वहां काम कर रहे हैं, उनके परिवारों को घर और उनके बच्चों को पढ़ाने की व्यवस्था भी सरकार की तरफ से की गई है। लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज और काशी नया टूरिस्ट सर्किट बना
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यूपी में लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज और काशी का नया टूरिस्ट सर्किट बना है। जो लोग अयोध्या आते हैं, वह प्रयाग और काशी भी जा रहे हैं। जो काशी आ रहे हैं, प्रयागराज और अयोध्या भी जाते हैं। योगी ने कहा कि सरकार ने काशी और अयोध्या में भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पर्याप्त इंतजाम किए हैं। योगी ने बताया कि यूपी में मथुरा स्थित बांके बिहारी मंदिर सहित कई बड़े मंदिरों पर सालों से कोर्ट में विवाद चल रहे हैं। कोर्ट ने मंदिरों में रिसीवर नियुक्त कर रखे हैं, ऐसे में सरकार वहां अंदर की व्यवस्था में दखल नहीं दे सकती है। लेकिन बाहरी व्यवस्थाएं बेहतर की जा रही है। उन्होंने बताया कि पहले बांके बिहारी मंदिर केवल चार घंटे दर्शन के लिए खोला जाता था, वहां 1934 से रिसीवर तैनात है। सरकार ने प्रयास किया तो अब मंदिर में सुबह शाम पांच पांच घंटे दर्शन की व्यवस्था हुई है। सीएम ने माना कि मंदिरों में सरकारी दखल नहीं होना चाहिए लेकिन मंदिर की व्यवस्था भी उससे जुड़े लोगों के हाथ होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने विरासत को सम्मान दिया इसके बदौलत ही यह संभव हो सका है। पिछली सरकारों ने अयोध्या, काशी और प्रयागराज के लिए कोई काम नहीं किया। यदि काशी विश्वनाथधाम कारिडोर नहीं बना होता, अयोध्या में विकास कार्य नहीं हुए होते और प्रयागराज में नया मेला क्षेत्र विकसित नहीं किया गया होता तो क्या इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करना संभव था। ऐसा लगा जैसे सबकुछ मिल गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि बनारस में जब उन्होंने स्टेशन पर श्रद्धालुओं से बात की तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में स्नान भी हो गया और बाबा विश्वनाथ के दर्शन भी हो गए। उनकी बात से ऐसा लगा जैसे उन्हें सबकुछ मिल गया। ————————– यह खबर भी पढ़ें राकेश टिकैत पहुंचे महाकुंभ, संगम में डुबकी लगाई:बोले- योगीजी ने बहुत अच्छी व्यवस्था की; मोनालिसा के साथ सेल्फी लेने वालों की भीड़ भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत महाकुंभ पहुंचे और संगम में डुबकी लगाई। वह 4 दिन यहां रहेंगे। सीएम योगी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि महाकुंभ में बहुत अच्छी व्यवस्था की है। यहां पढ़ें पूरी खबर


