‘बार-बार होने वाले चुनाव देश के विकास की रफ्तार पर ब्रेक लगाते हैं। इससे न केवल समय और संसाधनों की बर्बादी होती है, बल्कि देश की जीडीपी पर भी सीधा असर पड़ता है।’ ये बातें सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में कही। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अगर देश को तेज गति से आगे बढ़ाना है तो चुनावी सिस्टम में बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा, हर साल चुनाव कराना केवल राजनीतिक गतिविधियों को नहीं बढ़ाता, बल्कि इससे विकास योजनाओं की गति थम जाती है। जीडीपी को लगता है झटका, 3.5-4 लाख करोड़ का खर्च
योगी ने कहा, बार-बार चुनाव होने से देश की जीडीपी पर करीब 1.5% तक असर पड़ता है, जो 3.5 से 4 लाख करोड़ रुपए तक के खर्च में तब्दील होता है। ये रकम कई राज्यों के कुल वार्षिक बजट से भी अधिक है। 1952 से 1967 तक होते थे साथ चुनाव, अब वक्त फिर से लौटने का सीएम योगी ने बताया, 1952 से 1967 तक देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होते थे। आज भी कुछ राज्यों में ये प्रयोग हो रहा है। अब वक्त आ गया है कि इसे स्थायी रूप दिया जाए। उन्होंने कहा – 2034 तक पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने की दिशा में हमें अभी से जनमानस को तैयार करना होगा। ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को बनाना है जन आंदोलन
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह केवल एक राजनीतिक चर्चा नहीं है, यह एक राष्ट्रहित का मुद्दा है। ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ अब विचार नहीं, एक मिशन होना चाहिए। इसके लिए समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना होगा।” ———————— यह खबर भी पढ़िए… संत प्रेमानंद महाराज के AI से फेक VIDEO बनाए:वृंदावन में आश्रम ने चेतावनी दी- ये मर्यादा और कानून के खिलाफ, लोग शेयर न करें वृंदावन में रहने वाले संत प्रेमानंद महाराज के फेक (झूठे) वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जिसमें तंत्र क्रिया से अभिमंत्रित श्रीयंत्र, कुबेर यंत्र, पिरामिड जैसी चीजें बेची जा रही हैं। दावा किया जा रहा है कि इन्हें घर में रखने से नौकरी-व्यापार में उन्नति होगी। ये वीडियो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बनाए गए हैं। कई भाषाओं में हैं। संत प्रेमानंद महाराज की आवाज और उनके वीडियो का इस्तेमाल किया गया है। इस पर उनके आश्रम श्री हित राधा केली कुंज ने आपत्ति दर्ज कराई है। पढ़ें पूरी खबर…


