रघुवर दास बन सकते हैं झारखंड प्रदेश अध्यक्ष:15 जनवरी के बाद घोषणा की पूरी संभावना, राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की भी चर्चा

ओडिशा के राज्यपाल रघुवर दास ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। अब रघुवर फिर से भाजपा की सक्रिय राजनीति में उतरेंगे। उन्हें बड़ा दायित्व मिलने की संभावना है। उनके नाम पर दो तरह की चर्चा है। पहली चर्चा के अनुसार उन्हें राज्य में संगठन की जिम्मेदारी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। राज्य में विधानसभा चुनाव में पार्टी की जैसी स्थिति हुई, उसे दुरुस्त करने के लिए रघुवर दास को जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं दूसरी चर्चा इस बात की भी है कि मकर संक्रांति के बाद उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाया जा सकता है। हालांकि रघुवर ने इस मुद्दे पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। जब उनसे राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के संबंध में सवाल पूछा तो उन्होंने इसे अफवाह बताया। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि जेपी नड्‌डा के बाद उन्हें पार्टी की राष्ट्रीय कमान सौंपी जा सकती है। क्योंकि उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अच्छे संबंध बताए जाते हैं। पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले पहले मुख्यमंत्री वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा की शानदार जीत के ​बाद केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें झारखंड का मुख्यमंत्री बनाया था। वे 2014 से 2019 तक मुख्यमंत्री रहे। यही नहीं, वे झारखंड के ऐसे पहले मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने पूरे पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा किया। 2019 में भाजपा के विधानसभा चुनाव में हारने के बाद वे फिर से पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए। रघुवर दास भाजपा के जमीन से जुड़े नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने सीतारामडेरा के बूथ स्तर के कार्यकर्ता से प्रदेश अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और राज्यपाल तक का सफर तय किया। मुख्यमंत्री बनने से पहले वे कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रह चुके हैं। 18 अक्टूबर 2023 को बने थे ओडिशा के राज्यपाल बने रघुवर दास को 18 अक्टूबर 2023 को ओडिशा का राज्यपाल नियु​क्त किया था। इसके बाद 26 अक्टूबर को उन्होंने दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्‌डा से मुलाकात पर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। 31 अक्टूबर 2023 को उन्होंने ओडिशा के राज्यपाल पद की शपथ ली थी। राज्यपाल बनने के पहले वे भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर भी रहे थे। उन्होंने भाजपा में मंडल अध्यक्ष से लेकर प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तक की जिम्मेदारी निभाई। उन्हें दो बार पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया।

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