डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी (डीएसपीएमयू) में रजिस्ट्रार का पद पिछले एक सप्ताह से खाली है। कामचलाऊ व्यवस्था के तहत प्रभारी रजिस्ट्रार नियुक्त करने में यूनिवर्सिटी प्रशासन विफल रहा है। राजभवन ने डीएसपीएमयू से रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक के लिए शिक्षकों का पैनल मांगा था। गुरुवार को प्रभारी वीसी अंजनी कुमार मिश्र के समक्ष शिक्षकों की वरियता के हिसाब से लिस्ट तैयार प्रस्तुत किया गया। इसके बाद भी विवि प्रशासन मंगलवार तक शिक्षकों का पैनल नहीं भेजा जा सका है। रजिस्ट्रार का पद खाली रहने से शिक्षकों और स्टाफ का जून माह का वेतन-पेंशन नहीं मिला है। गवर्नर हर माह पहली तारीख को पेंशन देने का निर्देश दिए हैं, जिसकी अनदेखी हो रही है। कई शिक्षकों ने बताया कि ईएमआई हर माह फर्स्ट वीक में कटता है। वेतन नहीं के कारण कई तरह की आर्थिक मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। गुरुवार को फर्स्ट हाफ में फाइनेंस अफसर काफी संख्या में फाइल लेकर कमिश्नर ऑफिस पहुंचे थे। इतिहास विभाग के एचओडी डॉ. राजेश कुमार सिंह भी थे। वहीं सेकेंड हाफ में वीसी 10 विभागों के एचओडी से शाम तीन से 5 बजे तक बात कर प्रॉब्लम को सुना। कॉलेज के अधिकांश विभागों के शौचालय से बदबू आने से शिक्षक, स्टाफ और स्टूडेंट्स परेशान हैं। 75% उपस्थिति जरूरी : कुलपति प्रभारी वीसी अंजनी कुमार मिश्र ने सभी विभागों से छात्रों की 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कहा है। पीआरओ डॉ. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि अगले चरण में शेष 10 विभागों के एचओडी से बात कर समस्याओं की जानकारी लेंगे और निष्पादन करेंगे।


