रणथंभौर टाइगर रिजर्व की महिला वनकर्मियों के लिए हुई वर्कशॉप:’प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट’ एक्ट के बारे में दी जानकारी

रणथंभौर टाइगर रिजर्व टाइगर ट्रस्ट की ओर से महिला वनकर्मियों के लिए प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट एक्ट पर एक विशेष वर्कशॉप आयोजित की गई। यह कार्यक्रम वन विभाग के सहयोग से रणथंभौर रोड स्थित एक होटल में आयोजित हुआ। वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य महिला कर्मचारियों को कार्यस्थल पर सुरक्षा से जुड़े कानूनों और उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करना था। एक्ट के बारे में दी जानकारी टाइगर ट्रस्ट की अंजना गुसाई ने बताया कि यह कानून महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा देता है और सुरक्षित व सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करता है। उन्होंने बताया कि यह एक केंद्रीय कानून है, जिसके तहत हर सरकारी और निजी संस्थान में इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) बनाना अनिवार्य है। यह समिति शिकायतों की सुनवाई और समाधान के लिए जिम्मेदार होती है। अधिकार और शिकायत प्रक्रिया पर जोर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और भारत के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, केवल समिति बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि कर्मचारियों को उनके अधिकारों और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया की जानकारी देना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह वर्कशॉप आयोजित की गई, ताकि महिला वनकर्मी आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें। कार्यक्रम में रणथंभौर टाइगर रिजर्व के डीएफओ मानस सिंह, पर्यटन डीएफओ संजीव शर्मा, एसीएफ महेश शर्मा और फ्लाइंग रेंजर तुलसीराम मीणा सहित बड़ी संख्या में महिला वनकर्मी मौजूद रहीं। वर्कशॉप के दौरान विशेषज्ञों ने कानून की प्रमुख धाराओं, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया और कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।

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