रतनपुरा गांव स्थित श्रीकृष्ण गोशाला में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को सिरसा के प्रखर कथावाचक कृष्णानंद महाराज ने वामन अवतार का प्रसंग सुनाया। इस दौरान पूरा पांडाल भगवान वामन की जय और राधे-राधे के जयकारों से गूंज उठा। महाराज कृष्णानंद ने राजा बलि द्वारा अपना सर्वस्व दान कर भगवान के चरणों में समर्पित होने के प्रसंग का जीवंत वर्णन किया। इसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कथा के दौरान भगवान वामन और राजा बलि की मनमोहक झांकियां भी सजाई गईं, जिन्होंने भक्तों को त्रेतायुग की अनुभूति कराई। कथावाचक ने अपने प्रवचनों में श्रद्धालुओं से कहा कि एक समय था जब मनुष्य की आयु 100 वर्ष होती थी। इसका मुख्य कारण यह था कि तब हर घर में गो माता का वास था और उनकी सेवा ही जीवन का प्रमुख ध्येय था। कथा के दौरान गायक पीके परवाना और रमन ने अपने भजनों की मधुर तान से बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।


