रथ द्वितीया पर मां भद्रकाली की उत्तर वाहिनी नदी में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई

भास्कर न्यूज|कोडरमा अखिल भारतीय सैनिक स्कूल ग्रुप स्तरीय ग्रुप डी हॉकी स्पर्धा 2025-26 के तीसरे दिन टीमों के बीच अंकतालिका में स्थान पाने की होड़ और संघर्ष साफ दिखा। सुबह के पहले मैच में सब जूनियर बालकों के वर्ग में सैनिक स्कूल तिलैया ने सैनिक स्कूल नालंदा को 4-2 से हराया। वहीं, जूनियर बालकों के वर्ग में सैनिक स्कूल नालंदा ने सैनिक स्कूल गोपालगंज को 3-0 से मात दी। अन्य मुकाबलों में सैनिक स्कूल पुरुलिया ने बालक और बालिका दोनों वर्गों में सैनिक स्कूल गोपालगंज को 1-0, 1-0 से हराया। दोनों मैचों में जीत के लिए खिलाड़ियों को कड़ी मेहनत करनी पड़ी। फाइनल मुकाबला शनिवार को खेला जाएगा। उसी दिन समापन समारोह भी होगा। इसके साथ ही प्रतिभागी टीमें आगे मिलने वाले अवसरों और चुनौतियों से रूबरू होंगी। अब तक के परिणाम इस प्रकार हैं सब जूनियर बालक : सैनिक स्कूल तिलैया ने सैनिक स्कूल नालंदा को 4-2 से हराया। जूनियर बालक : सैनिक स्कूल नालंदा ने सैनिक स्कूल गोपालगंज को 3-0 से हराया। सब जूनियर बालक : सैनिक स्कूल पुरुलिया ने सैनिक स्कूल गोपालगंज को 1-0 से हराया। जूनियर बालिका : सैनिक स्कूल पुरुलिया ने सैनिक स्कूल गोपालगंज को 1-0 से हराया। भास्कर न्यूज | इटखोरी रथ द्वितीया के मौके पर शुक्रवार को मां भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी। यहां आए श्रद्धालु 4 बजे सुबह से हीं मंदिर के पीछे से गुजरी यू आकार की उत्तर वाहिनी नदी के तट पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद भगवान सूर्य की आराधना करते हुए सीधा मां भद्रकाली मंदिर पहुंचे। यहां माता रानी की श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा पाठ कर स्वयं और अपने-अपने परिजनों की लंबी आयु एवं सुख समृद्धि के लिए आराधना की। इससे पूर्व अहले सुबह माता रानी की मंदिर के पुजारियों ने भक्ति भाव के साथ श्रंगार पूजन की। श्रंगार पूजन के बाद माता रानी की आरती उतारी गई। आरती और श्रंगार पूजन से ही मंदिर में मां की पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। यहां श्रद्धालुओं ने सुबह से लेकर शाम तक मां की पूजा-आराधना में जुटे रहे‌। दिनभर श्रद्धालु यहां आते रहे और मां की पूजा अर्चना कर अपने-अपने घर वापस लौटते रहे। फिर संध्या में मां की भक्ति भाव के साथ आरती की गई। इसके बाद माता रानी की लगाए गए भोग खीर महाप्रसाद श्रद्धालुओं के बीच वितरण किया गया। रंथ द्वितीया के मौके पर यहां कई बच्चों का मुंडन संस्कार भी संपन्न हुआ। मंदिर में दिनभर चहल-पहल का माहौल बना रहा‌। यहां आए श्रद्धालु मां की पूजा पाठ के बाद मां की जयकारे लगाते रहे, जिससे पूरे मंदिर प्रांगण में भक्ति की बयार बहती रही। मंदिर के पुजारियों ने बताया कि रंथ द्वितीया पर स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना शुभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि इस दिन स्नान करने से पाप धुल जाते हैं और आत्मा शुद्ध होती है।

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