रद्द प्रोजेक्ट के डिजाइन की 6 लाख रुपए पेमेंट रिलीज का प्रस्ताव डाला, निगम अफसरों से जवाब तलब

नगर निगम के इंजीनियरों की लापरवाही और मनमानी के चलते जनता के पैसे की बर्बादी का एक और मामला सामने आया है। नवंबर में निगम की बीएंडआर ब्रांच ने बिना पीडब्ल्यूडी और नहरी विभाग की मंजूरी के करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से फूड स्ट्रीट स्मार्ट वेंडिंग जोन बनाने का टेंडर लगा दिया था। दैनिक भास्कर ने इस गड़बड़ी का खुलासा किया तो निगम इंजीनियर बैकफुट पर आए और आखिरकार टेंडर को रद्द करना पड़ा। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि टेंडर खुलने से पहले ही भीतर खाते निगम इंजीनियरों ने एक निजी कंपनी को फूड स्ट्रीट स्मार्ट वेंडिंग जोन का डिजाइन तैयार करने का ठेका भी दे दिया। अब जब पूरा प्रोजेक्ट ही रद्द हो चुका है, तब भी उस डिजाइन के करीब 6 लाख रुपए की पेमेंट जारी कराने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में प्रस्ताव बुधवार को निगम की एफएंडसीसी की बैठक में पेश किया गया, जिस पर सवाल खड़े हो गए हैं। मेयर इंद्रजीत कौर ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट में होने वाली पैसों की बर्बादी के लिए जिम्मेदारी तय करने के लिए निगम कमिश्नर को निर्देश दिए गए हैं और संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है। एफएंडसीसीसी मीटिंग: सड़कों के टेंडर रद्द, दोबारा प्रक्रिया शुरू करने के आदेश बुधवार को एफएंडसीसी की बैठक में कुल 120 प्रस्ताव पेश किए, जिनमें से 5 प्रस्ताव सड़कों के निर्माण से संबंधित थे। इनका वर्क ऑर्डर जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में थी, लेकिन 1 से 3 फीसदी के बेहद कम लेस पर टेंडर मिलने पर कमेटी ने विरोध जताया। इसके बाद इन टेंडरों को रद्द कर दोबारा टेंडर लगाने के आदेश जारी किए गए। 14 नवंबर 5 करोड़ का फूड स्ट्रीट वेंडिंग जोन टेंडर फिर चर्चा में, मेयर ने घेरा {15 नए ट्यूबवैल प्रस्तावों पर सवाल: मीटिंग में करीब 15 नए ट्यूबवैल लगाने के प्रस्ताव पेश हुए। इस पर ओएंडएम ब्रांच पर सवाल उठाए गए कि सर्दियों में इतने ट्यूबवैल कैसे फेल हो सकते हैं, जबकि शहर में 24 घंटे जल आपूर्ति योजना पर भी काम चल रहा है। कमेटी ने पुराने ट्यूबवैलों की पूरी हिस्ट्री और डिटेल रिपोर्ट तलब की है, उसके बाद ही नए ट्यूबवैल लगाने पर विचार किया जाएगा। {डिप्टी मेयर ने दिखाई अवैध बिल्डिंगों की फोटो: डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर ने अवैध निर्माण का गंभीर मुद्दा उठाते हुए बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों के सामने अवैध इमारतों की रिपोर्ट पेश की और कई भवनों की फोटो दिखाई। इस पर निगम कमिश्नर ने बिल्डिंग ब्रांच को एक सप्ताह के भीतर पूरी रिपोर्ट देने और अवैध इमारतों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। {जगराओं पुल डिजाइन रिपोर्ट पर भी घेरा: सी. डिप्टी मेयर राकेश पराशर ने जगराओं पुल से मिल्लरगंज तक पुल की मरम्मत और डिजाइन को लेकर बीएंडआर ब्रांच के इंजीनियरों से सवाल उठाया कि जीएनई कॉलेज से डिजाइन बनवाया जा रहा है, लेकिन अभी तक रिपोर्ट पेश नहीं की गई है, जबकि भुगतान भी जारी हो चुका है। वीरवार तक रिपोर्ट मांगी है। 4 पावरफुल सब कमेटियां बनाईं, पार्षद शामिल : लुधियाना. नगर निगम लुधियाना ने शहर के प्रशासनिक और विकास कार्यों को गति देने के लिए चार अहम कमेटियों का गठन किया है। इन कमेटियों में पार्षदों को सदस्य बनाया गया है, जबकि निगम अधिकारियों को तकनीकी और प्रशासनिक समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें खरीदे सामान और क्वालिटी चेक करने की कमेटी, पानी-सीवरेज संबंधी कार्यों की जांच , सिविल इंजीनियरिंग से जुड़े प्रोजेक्टों की जांच कमेटी और पानी-सीवरेज, प्रॉपर्टी टैक्स के बकाया बिलों को लेकर कमेटी शामिल है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *