वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साल 2026-27 का बजट पेश किया। डॉ. रमन सिंह ने इसे प्रदेश के समग्र विकास का रोडमैप बताया। उन्होंने कहा कि ‘संकल्प’ थीम पर आधारित यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और सुशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बजट में राजनांदगांव जिले के सर्वांगीण विकास के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। इससे क्षेत्र में आधारभूत ढांचा, शिक्षा और खेल सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा। कुल 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए के बजट में 5 प्रमुख मिशनों पर फोकस किया गया है। इन मिशनों के लिए 100 करोड़ रुपए का शुरुआती प्रावधान रखा गया है। इनमें मुख्यमंत्री ए.आई. मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन और मुख्यमंत्री स्टार्टअप-निपुण मिशन शामिल हैं। शिवनाथ नदी और जल संरचनाओं के लिए बड़ी राशि राजनांदगांव में शिवनाथ नदी के संरक्षण और विकास के लिए 250 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। रानी सागर और बूढ़ा सागर के पुनर्विकास के लिए 35 करोड़ रुपये का प्रावधान है। गौरीनगर रेलवे क्रॉसिंग से सरकारी प्रेस तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 11 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे का आधुनिकीकरण राजनांदगांव तहसील कार्यालय को 5 करोड़ रुपए की लागत से मॉडर्न तहसील के रूप में विकसित किया जाएगा। रानीतराई, धामनसरा, गोड़लवाही और लालबहादुर नगर के स्कूलों के उन्नयन के लिए 75-75 लाख रुपये तय किए गए हैं। शासकीय महाविद्यालय अर्जुनी के लिए 4.65 करोड़ रुपए और आवासीय महाविद्यालय राजनांदगांव के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। खेल सुविधाओं और उद्योग को बढ़ावा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में टर्फ बदलने और फ्लड लाइट लगाने के लिए 8.80 करोड़ रुपए का प्रावधान है। दिग्विजय स्टेडियम में इंडोर बैडमिंटन और बास्केटबॉल सुविधाओं के विस्तार के लिए 6 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। औद्योगिक सुगमता के लिए 20 करोड़ रुपए निर्धारित हैं। नई सड़कों और भवन निर्माण की योजना क्षेत्र में 24 नई सड़कों और 3 नई परियोजनाओं का प्रावधान शामिल है। भवन निर्माण के लिए लगभग 19 करोड़ रुपए अलग से रखे गए हैं। ‘संकल्प से सिद्धि’ की दिशा में मजबूत कदम डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह बजट अंत्योदय और समावेशी विकास की अवधारणा को जमीन पर उतारेगा। उन्होंने कहा, “यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ को संकल्प से सिद्धि की ओर ले जाने वाला सशक्त दस्तावेज है।”


