नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि स्मार्ट सिटी के स्थापित कमांड कंट्रोल एंड कम्यूनिकेशन सेंटर की उपयोगिता को बढ़ाते हुए पूरे रांची शहर और नव निर्मित एबीडी (एरिया बेस्ड डेवलपमेंट) क्षेत्र की सघन मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही, एबीडी क्षेत्र के रख-रखाव की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाया जाए, ताकि स्मार्ट सिटी की स्मार्टनेस बरकरार रहे। मंत्री सुदिव्य कुमार सोमवार को नेपाल हाउस स्थित कार्यालय कक्ष में रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन लिमिटेड की योजनाओं की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने स्मार्ट सिटी क्षेत्र में जलापूर्ति, विद्युत आपूर्ति, प्लॉट म्यूटेशन, स्ट्रीट लाइट ऑटोमेशन सहित विभिन्न पहलुओं पर भी विशेष निर्देश दिए। मंत्री सुदिव्य कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि रांची को एक स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक स्मार्ट सिटी बनाने के लक्ष्य के तहत तेजी से काम करें और जनता को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराएं। अब तक 16 प्लॉट्स की ई-नीलामी पूरी, अगली निलामी भी जल्द बैठक के दौरान विभाग के प्रधान सचिव व रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन के सीएमडी सुनील कुमार ने मंत्री को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की प्रगति, शेष योजनाओं, राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन और भविष्य की रणनीतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भविष्य में रांची सहित राज्य के अन्य बड़े शहरों में भी एबीडी मॉडल का विस्तार करने की योजना है। भूमि चयन की प्रक्रिया कई जिलों में प्रारंभ कर दी गई है। इसके अतिरिक्त उन्होंने मंत्री को बताया कि अब तक 16 प्लॉट्स की ई-नीलामी पूरी की जा चुकी है और कुछ प्लॉट्स नामांकन के आधार पर केंद्र व राज्य सरकार की एजेंसियों को हस्तांतरित किए गए हैं। शीघ्र ही आगामी नीलामी के लिए तैयारी की जा रही है। समीक्षा बैठक के मुख्य निर्देश… स्मार्ट सिटी पर चर्चा करते मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू। एबीडी क्षेत्र की सफाई, संरचनाओं की मरम्मत और समग्र स्मार्टनेस को लगातार बनाए रखें। स्मार्ट सिटी क्षेत्र की पेयजल योजना पूर्ण हो चुकी है, इसलिए सभी प्लॉट्स तक जलापूर्ति शीघ्र सुनिश्चित कराई जाए। ऊर्जा विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें, भवन निर्माण विभाग भी आवश्यक कदम उठाए। एबीडी क्षेत्र की निगरानी भी कमांड कंट्रोल एंड कम्यूनिकेशन सेंटर के माध्यम से की जाए। पुलिस विभाग से तालमेल बढ़ाते हुए सेंटर की कार्यक्षमता का विस्तार किया जाए। उन प्लॉट्स का म्यूटेशन प्राथमिकता से कराया जाए, जिनकी ई-नीलामी पूर्ण हो चुकी है। स्मार्ट सिटी क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट ऑटोमेशन का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।


