राजगढ़ जिले में आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे से सटे एक वेयरहाउस में हुई आधी रात की लूट का पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर सरकारी गेहूं से भरा वाहन जब्त किया है। वेयरहाउस में सीसीटीवी कैमरे न होने के बावजूद पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई। यह घटना 2 फरवरी की रात की है। ग्राम कांसोरकला निवासी चौकीदार जसरथ मीना वेयरहाउस में अपनी ड्यूटी पर थे। रात करीब एक बजे चार बदमाश वहां पहुंचे और कट्टा जैसी वस्तु दिखाकर उन्हें बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाशों ने दूसरे चौकीदार हरिसिंह प्रजापति के कमरे में जाकर उनका मोबाइल छीन लिया और दोनों चौकीदारों को एक कमरे में बंद कर दिया। चाकू के बल पर वेयरहाउस की चाबी लेने के बाद बदमाश अंदर घुसे। उन्होंने सरकारी गेहूं की बोरियां एक वाहन में भरीं और मौके से फरार हो गए। ब्यावरा शहर थाने में लूट का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि वेयरहाउस में कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था। साथ ही, घटनास्थल नेशनल हाईवे पर होने के कारण संदिग्ध वाहन की पहचान करना भी मुश्किल था।
इसके बावजूद, पुलिस टीम ने आसपास के पेट्रोल पंपों, टोल नाकों और हाईवे पर लगे कैमरों की कड़ी जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई। रविवार को पुलिस कंट्रोल रूम में हुई प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने बताया कि “ऑपरेशन चक्षु 360” के तहत आगरा-मुंबई हाईवे और आसपास के इलाकों में लगे करीब 500 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया गया। लगातार फुटेज मिलान के बाद एक आइसर वाहन संदिग्ध पाया गया, जिससे जांच को सही दिशा मिली और आरोपियों को पकड़ा जा सका। तीन आरोपी गिरफ्तार, गेहूं बरामद
वाहन नंबर के आधार पर पुलिस ने देवास और उज्जैन जिलों में दबिश देकर तीन आरोपियों फारुख खान, कान्हा मोंगिया और अंबाराम मालवीय को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 58 क्विंटल गेहूं यानी 116 बोरियां, वारदात में प्रयुक्त आइसर वाहन और कटर सहित अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। गिरोह के दो अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी चोरी और लूट के कई मामलों में शामिल रह चुके हैं। पुलिस के मुताबिक यह एक संगठित गिरोह था, जो हाईवे किनारे स्थित वेयरहाउस और सुनसान इलाकों को निशाना बनाता था। पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने कहा कि यह कार्रवाई संगठित अपराध के खिलाफ सख्त संदेश है। उन्होंने वेयरहाउस संचालकों और व्यापारियों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगाएं, फुटेज का बैकअप रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें।


