राजगढ़ में मंगलवार सुबह 6 गोवंश की मौत के बाद माहौल गरमा गया। गुस्साए गौसेवकों ने शवों को राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर रखकर करीब 20 मिनट तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने जांच व कार्रवाई का भरोसा दिया, तब जाकर रास्ता खुल सका। इधर, देर शाम प्रदर्शन करने वाले 12 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, सुबह मिडवे होटल के पास चार गाय और दो बैल मृत अवस्था में मिले। अलग-अलग स्थानों पर पड़े शवों को गौसेवक वाहन में रखकर एनएच-52 पर ले आए और बेरिकेट लगाकर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठी। कार्रवाई के आश्वासन पर जाम हटा
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पूछा कि आखिर गोवंश की मौत कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। अधिकारियों ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर सच्चाई सामने लाने और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम हटाया गया। मामले में दैनिक भास्कर ने पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक प्रवीण दीक्षित से चर्चा की। उन्होंने बताया कि मिडवे होटल के आसपास मिले दो बैल और चार गायों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। जांच में मृत गोवंश के पेट से बड़ी मात्रा में पॉलिथीन निकली है। प्रथम दृष्टया यही मौत का मुख्य कारण प्रतीत हो रहा है। अन्य किसी बीमारी या जहर के संकेत नहीं मिले हैं। गंदगी और पॉलिथीन चिंता का विषय
उन्होंने यह भी कहा कि राजगढ़ के टीचिंग ग्राउंड में बड़ी मात्रा में फैली गंदगी और पॉलिथीन चिंता का विषय है। आसपास घूमने वाली गायें वहां इकट्ठा होकर पॉलिथीन खा रही हैं, जो उनके लिए घातक साबित हो रही है। पेट में पॉलिथीन भर जाने से उन्हें पोषण नहीं मिल पाता, शरीर पहले से कमजोर होता है और ठंड के मौसम में तापमान गिरने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले भी टीचिंग ग्राउंड में गायों को पॉलिथीन खाते हुए देखा गया था, जिसके बाद नगर पालिका ने पॉलिथीन प्रतिबंध को लेकर अभियान चलाया और कई दुकानों से पॉलिथीन जब्त की थी। फिलहाल इस घटना ने शहर में आवारा पशुओं की स्थिति, साफ-सफाई और पॉलिथीन पर प्रभावी रोक को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की जांच रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। 12 प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नायब तहसीलदार मनोहर कुल्हारे की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली राजगढ़ में 12 प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर शव रखकर मार्ग अवरुद्ध किया और आवागमन बाधित किया। इससे यातायात प्रभावित हुआ और कानून-व्यवस्था की स्थिति निर्मित हुई। मामले में नामजद आरोपियों में नयन पिता राजेंद्र विजयवर्गीय, दीपू पंडा, आकाश मेवाड़े, लक्ष्य तंवर, शिवनंदन गुर्जर, संजय वर्मा, पुल्कित पिपलोटिया, पंकज वर्मा, सावन पुष्पद, रोहित शर्मा, राहुल साहू और कुलदीप गुर्जर निवासी राजगढ़ शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि विवेचना की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


