राजगढ़ में 11 लाख रुपए की मक्का चोरी का पर्दाफाश:तेली गैंग के 7 आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार, पुलिस ने 575 CCTV खंगाले

राजगढ़ की खिलचीपुर पुलिस ने 11 लाख रुपए से अधिक की मक्का चोरी का पर्दाफाश किया है। इस मामले में तेली गैंग के 7 आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है। जिनके पास से 425 क्विंटल मक्का, ट्रक और एक कार सहित फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुए है। राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा ने शनिवार को घटना का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि शातिर तेली गैंग ने फर्जी दस्तावेज, फर्जी सिम कार्ड, फर्जी ट्रक और फर्जी फास्टैग का इस्तेमाल कर इस चोरी को अंजाम दिया था। पुलिस ने 10 दिनों की अथक मेहनत और 575 सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले का पर्दाफाश करते हुए गैंग के सरगना हनुमान तेली समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पानीपत होनी थी डिलीवरी खिलचीपुर के गल्ला व्यापारी रतनलाल गिरवर लाल ने 19 दिसंबर 2024 को अपने गोदाम में रखी मक्का की उपज (425 क्विंटल, 40 किलोग्राम) को राजस्थान के अजमेर के दलाल विष्णु कुमार के माध्यम से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में कृष्णा फ्लोर मिल में बेचा था। मक्का की खेप हरियाणा के पानीपत में गंगा फूड को डिलीवर की जानी थी। मक्का को ट्रॉला RJ52GA5026 से डिलीवरी के लिए भेजा था, जिसकी डिलीवरी 23 दिसंबर को पानीपत में होनी थी। जब डिलीवरी समय पर नहीं पहुंची तो कारोबारी ने ट्रॉला ड्राइवर और मोटर मालिक से संपर्क किया। कई बार फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद व्यापारी ने ट्रॉला के आरसी, पैन और अन्य दस्तावेज वॉट्सऐप पर भेजे गए मैसेज को चेक किया, लेकिन उन्हें पता चला कि सभी दस्तावेज डिलीट कर दिए गए हैं। व्यापारी खिलचीपुर थाने पहुंचा और थाना प्रभारी विवेक शर्मा को पूरी घटना बताई। मामले के बारे में एसडीओपी आनंद राय और एसपी आदित्य मिश्रा को जानकारी दी गई। निर्देश मिलने पर 25 दिसंबर को इस मामले में अमानत में खयानत का केस दर्ज किया गया और गायब ट्रॉला और 11 लाख, 52 हजार,834 रुपए की मक्का की उपज की तलाश शुरू की गई। सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे खंगाले एसपी के निर्देश पर थाना प्रभारी विवेक शर्मा सहित 6 टीम ने साइबर सेल की मदद से राजस्थान के कोटा, बूंदी, टोंक, झालावाड़ और जयपुर समेत कई जिलों में जांच की। सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तेली गैंग के 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन्हें गिरफ्तार किया गया- इनकी मुख्य भूमिका रही- इस मामले में अनुविभागीय पुलिस अधिकारी खिलचीपुर आनंद राय, थाना प्रभारी खिलचीपुर उपनिरीक्षक विवेक शर्मा, और उनकी टीम में उप निरीक्षक विष्णु मीणा, प्रधान आरक्षक दिलीप निगम, प्रधान आरक्षक समंदर सिंह, आरक्षक दुष्यंत, आरक्षक कमल मीणा, आर राजीव गुर्जर, आर हरिओम रघुवंशी, आर यश आर्य, आर संदीप, आर भैरूसिंह, थाना प्रभारी भोजपुर उपनिरीक्षक रजनीश सिरोठिया और उनकी टीम में प्रआर मोईंन अंसारी प्रआर वीरेंद्र , आर विनोद, देवेंद्र, चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अर्जुन सिंह और उनकी टीम में आर.राजीव समाधिया की भूमिका रही। विशेष टीम में उप निरीक्षक अजय यादव, थाना जीरापुर, प्रधान आरक्षक 252 शशांक सिंह यादव, सायबर सेल, आरक्षक रवि जाट थाना जीरापुर की भूमिका रही। वहीं, तकनीकी टीम में उप निरीक्षक जितेंद्र अजनारे, प्रधान आरक्षक कुलदीप कुंभकार, आरक्षक पवन मीणा, आरक्षक अशोक राहोरिया, आरक्षक हितेश यादव, आरक्षक अंतिम सोलंकी एवं महिला आरक्षक रश्मि शर्मा ने मुख्य भूमिका निभाई।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *