छत्तीसगढ़ में 22 मार्च को आयोजित बिहार दिवस का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। जिसमें कार्यक्रम के दौरान बिहार के राजगीत की जगह बीजेपी के प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन की तारीफ में गाने गाए गए, और इस दौरान सीएम समेत मंच पर मौजूद तमाम बीजेपी नेता सावधान की मुद्रा में खड़े रहे। इस वीडियो को लेकर कांग्रेस ने कहा कि यह बिहार दिवस नहीं, बल्कि प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन का ‘चापलूसी दिवस’ बन गया। क्या है पूरा मामला? भिलाई के नेहरू नगर में बिहार दिवस का आयोजन किया गया था, इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, बीजेपी प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन, महामंत्री संजय श्रीवास्तव और विधायक रिकेश सेन सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत में छत्तीसगढ़ का राजकीय गीत ‘अरपा पैरी के धार’ गाया गया, इस दौरान मुख्यमंत्री और अन्य नेता सावधान की मुद्रा में खड़े रहे। इसके बाद मंच से बिहार के राजकीय गीत के लिए अनाउंसमेंट किया गया, लेकिन राजगीत की जगह यहां प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन की तारीफ में एक गीत गाया गया। जिसे वीडियो में देखा जा सकता है, हांलाकि नितिन नबीन भी इससे असहज हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद इसके पूरा गीत गाया गया और मंच पर मौजूद सभी नेता सावधान की मुद्रा में खड़े होकर राजगीत का इंतजार करते रहे। क्या बिहार में मनाया जाएगा छत्तीसगढ़ दिवस इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इसे चापलूसी दिवस कहा है। बैज ने कहा कि हम पहले से कह रहे थे कि छत्तीसगढ़ सरकार और बीजेपी ने बिहार चुनाव को ध्यान में रखकर बिहार दिवस मनाने का फैसला किया है। अब यह साफ हो गया है कि यह बिहार दिवस नहीं बल्कि नितिन नबीन का ‘चापलूसी दिवस’ था। सवाल यह है कि क्या बिहार में छत्तीसगढ़ दिवस मनाया जाएगा? इसके अलावा, कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि बिहार दिवस के दौरान जब छत्तीसगढ़ का राजकीय गीत गाया गया तो उसके बाद बिहार का राजकीय गीत बजना चाहिए था। लेकिन उसकी जगह नितिन नबीन की प्रशंसा में गीत गाया गया और इस दौरान मुख्यमंत्री सहित सभी नेता सावधान की मुद्रा में खड़े रहे, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।


